रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
कुछ दिनों से लगातार अनूपपुर नगर सहित पूरे जिले में दूषित पानी की समस्या समाचार पत्रों एवं आमजनो के माध्यम से प्राप्त हो रही थी, जिसका कारण सीवर लाइन का पानी नदियों में मिलना, जगह जगह गंदे पानी का जमा होना तथा लंबे समय से संचालित फिल्टर प्लांटों में व भंडारण हेतु बनी पानी टंकियों की सफाई न होना है। जिसका विरोध करते आज दिनांक 7 फरवरी 2026 को जिला कांग्रेस कमेटी अनूपपुर द्वारा जिलाध्यक्ष गुड्डू चौहान की अगुवाई में कलेक्टर अनूपपुर को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में दूषित पानी की समस्या का उल्लेख करते हुए बताया गया कि नगर पालिका क्षेत्र अनूपपुर सहित पूरे जिलेभर के नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में दूषित पानी की समस्याएं सामने आ रही है, लंबे समय से फिल्टर प्लांटों, पानी टंकियों की साफ सफाई ना होने, पानी स्त्रोतों व भंडारण की जांच न होने एवं सीवर लाइन का दूषित पानी नदियों में मिलने के कारण पूरा अनूपपुर जिला दूषित पानी की समस्या से जूझ रहा है। मैने स्वयं तथा हमारे कांग्रेस पार्टी के कई नेताओं ने नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण किया है, जिसमे पेयजल की सही व्यवस्था व शुद्धता न होना बहुत चिंताजनक है। नगर पालिका क्षेत्र अनूपपुर के वार्ड क्रमांक 09, तहसील कार्यालय के पीछे अमरकंटक तिराहा, शंकर मंदिर चौक, इंदिरा तिराहा तथा जिला चिकित्सालय क्षेत्र के हजारों घरों का गंदा पानी लंबे समय से खुले में जमा है। इस जलभराव के कारण आसपास के बोरवेल और कुओं का पानी भी दूषित हो चुका है, जो अब उपयोग योग्य नहीं रह गया। गंदे पानी के जमाव से क्षेत्र में बीमारी फैलने की आशंका बढ़ती जा रही है। दूषित पानी रिस-रिसकर रेलवे सब स्टेशन के पास, रेलवे की तीसरी लाइन के किनारे-किनारे लगभग एक किलोमीटर दूर जाकर सीधे तिपान नदी में मिल रहा है। इस पानी में कचरा, काई, बैक्टीरिया और रासायनिक तत्व मिश्रित दिखाई दे रहे हैं। तिपान नदी का प्राकृतिक उद्गम जल अब लगभग मृतप्राय हो चुका है। नगर का गंदा पानी, शांति नगर क्षेत्र का मलबा युक्त अपशिष्ट जल तथा तिपान नदी किनारे स्थित प्री-मैट्रिक 100 सीटर आदिवासी छात्रावास का अपशिष्ट भी इसी नदी में मिल रहा है। नगर पालिका द्वारा बनाए गए छोटे बांध के कारण यही प्रदूषित पानी रुककर फिल्टर प्लांट तक पहुंचता है, जहां से शुद्धिकरण के बाद इसे शहर के 15 वार्डों और रेलवे कॉलोनी में सप्लाई किया जा रहा है। इसी तरह के दूषित पानी के सेवन से पेट, लीवर संबंधी बीमारियों के साथ त्वचा रोग-दाद, खाज, खुजली के मरीज बढ़ रहे हैं। युवाओं में बाल झड़ने की समस्या भी सामने आ रही है। जिला प्रशासन से मांग करते हुए लेख किया गया कि तत्काल सीवर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाए और जब तक यह व्यवस्था न हो, तब तक प्रदूषित पानी को तिपान नदी में मिलने से सख्ती से रोका जाए। तिपान नदी के पानी की नियमित लैब जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। नगर के नालों के लिए प्रभावी सीवरेज ट्रीटमेंट व्यवस्था हो। पूरे जिलेभर में सूखे और गंदे हो चुके कुओं का पुनर्जीवन अभियान चलाया जाए। अनूपपुर सहित पूरे जिले में वैकल्पिक जल स्रोत विकसित किए जाएं। पूरे जिले भर में जल गुणवत्ता पर जनसुनवाई कर लोगों को जानकारी दी जाए। सभी अस्पतालों की सीवरेज ट्रीटमेंट व्यवस्था की जांच कराई जाए। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा स्पॉट निरीक्षण कराया जाए। पूरे जिलेभर में नदी प्रदूषण रोकने के लिए स्थायी योजना बनाई जाए। पूरे जिले के नगरीय क्षेत्रों में संचालित फिल्टर प्लांटों एवं पानी को टंकियों की साफ सफाई कराई जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित नल जल योजना अंतर्गत जिन ग्रामों में पानी सप्लाई बंद है, उसे पुनः चालू किया जाए तथा जिन ग्रामों में पानी सप्लाई चालू वहां पानी व टंकियों की जांच कराकर साफ सफाई कराई जाए। अंत में जिला प्रशासन को चेताते हुए लिखा गया कि उपरोक्त मांग अनुसार समस्याओं के निराकरण हेतु जल्द से जल्द कार्यवाही की जाए और यदि ऐसा नहीं किया गया तो जिला कांग्रेस कमेटी अनूपपुर धरना, प्रदर्शन, आंदोलन, घेराव करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी सम्पूर्ण जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने में जिलाध्यक्ष गुड्डू चौहान के साथ जिला कांग्रेस कमेटी पूर्व अध्यक्ष रमेश सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता आशीष त्रिपाठी, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष राजन राठौर पार्षद रियाज अहमद, पूर्व पार्षद पुरुषोत्तम चौधरी, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष मानवेंद्र मिश्रा, राजभान, अरविन्द मिश्रा, सूर्य प्रताप सिंह, संदीप पयासी एवं अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे।



0 Comments