मिर्जा अफसार बेग
शहडोल जिले के ग्राम जमुई के जंगल में ताश पत्तों से जुआँ खिलाने का गोरखधंधा खुलेआम चल रहा है, राजूस नामक युवक के संरक्षण में सज रही जुआ की बड़ी महफ़िल पिछले कुछ महीनों से ठीहे बदल बदलकर जुआँ संचालित हो रहा है और इस कार्य में क्षेत्र के युवा वर्ग तो हैं ही और आसपास के जिलों से भी लोग अपनी किस्मत आजमाने यहाँ पहुँच रहे हैं रोजाना शाम से लेकर देर रात तक जुआँ का खेल खुलेआम प्रशासन के जिम्मेदारों की नाक के नीचे चल रहा है जुआँ खिलाने वाले को प्रतिदिन लगभग 60 से 70 हजार तक की नाल की गाढी कमाई हो रही है और कमाई का अड्डा बन चुके संचालित फड़ को कामयाब बनाने के लिए जुआँ को संचालित करने वाले लोगों के साथ ताल ठोक कर नाल वसूली को महत्व देने का काम राजूस कर रहा है एवं राजूस के ही संरक्षण में ग्राम जमुई के जंगलों में बावनपरी का खेल संचालित हो रहा है। सूत्रों के अनुसार खबर तो यहाँ तक है कि जिन खिलाड़ियों के पास जुआँ खेलने के लिए पैसा नहीं होता है उसे राजूस ब्याज पर तुरंत पैसे फाइनेंस करता है ।
शहडोल के पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश कुमार गोस्वामी ने अपराधियों के हौसलों को पस्त कर के रखे है पर आज भी राजूस जैसे जुआँरी जुआँ में मस्त तो रहते हैं पर उसी जुआँ में ब्याज जैसा गोरखधंधा भी संचालित करते हैं इस मामले में पुलिस कप्तान संज्ञान लेकर कार्यवाही करें तो बड़े रैकेट का खुलासा होने के साथ साथ ऐसे अपराध पर अंकुश भी लगाया जा सकता है।


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