मिर्जाअफसार बेग
शहडोल । देवांता हॉस्पिटल मे जैतहरी अनूपपुर निवासी संतोष राठौर अपनी पत्नी को इलाज के लिए लाया था जिसका बिगत 10 दिनो से इलाज चल रहा था वहा पदस्थ डायरेक्टर और डॉक्टर ने पत्नी को भर्ती कर दो दिन मे ठीक कर देगे विश्वास दिलाया। इसके लिए अपनी खडी फसल भी बेच दी और लगभग 230000₹ (दो लाख तीस हजार) रूपए खर्च कर चुके मरीज के परिजनो को बुधवार 22 सितंबर 2021 सुबह से वेंटिलेटर पर रखा और अतिरिक्त 30000₹ तीस हजार रुपए की मांग की परेशान परिजनो ने मीडिया एवं कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियो से संपर्क कर मामले मे बंधक मृत मरीज का परीक्षण करने की मांग की गई। जिला अस्पताल मे हुई पुलिस की मौजूदगी की जांच मे संतोष राठौर की पत्नी पुष्पा राठौर की मौत 6-8 घंटे पहले ही हो चुकी है कि पुष्टि पदस्थ डॉक्टर ने की।
महोदय यह हमारा आदिवासी अंचल है यहा निहायती भोले भाले सीधे साधे लोग है जिनका कम पढ़े लिखे होने का निजी अस्पताल संचालक बेजा फायदा उठाकर छलपूर्वक मौत भी बेचने से पीछे नही हट रहे है। जो जिले के लिए बेहद शर्मनाक है।
1.देवांता हॉस्पिटल संचालक की विधिवत जांच एवं पदस्थ डायरेक्टर और डॉक्टर की डिग्री डिप्लोमा की जांच।
2. मृतिका का पोस्टमार्टम अन्य जिले के पदस्थ डॉक्टर की टीम द्वारा की जाए।
3. उक्त मामले मे सभी देवांता हॉस्पिटल के दोषी डॉक्टरो के विरूद्ध एफआईआर कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए।
4.फर्जी तरस से इलाज के नाम पर मरीजो को लूटने वाले और मौत बांटने वाले देवांता हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द कर अस्पताल सील करा दी जाए।




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