मिर्जा अफसार बेग
मेरा मानना है कि नवगठित नगर परिषद बकहो में हुए भर्ती घोटाले में प्रभारी सीएमओ रविकरण त्रिपाठी की प्रमुख भूमिका रही है, जो उस समय बकहो के भी प्रभार पर थे।
निश्चित रूप से अन्य सभी लोगों की भी इसमें भूमिका थी, इसलिए उन पर भी निलंबन की कार्यवाही की गई है। पर निलंबन की कार्यवाही के बाद, यह बात यहीं नहीं रुकनी चाहिए - यह क्षेत्र के लोगों के साथ धोखा है यह बेरोजगारों के साथ धोखा है इसलिए इस पूरे मामले में आई.पी.सी. के तहत अपराध कायम करते हुए सभी दोषियों को सलाखों के पीछे डाला जाना चाहिए।
मुझे विश्वास है कि निलंबन की कार्यवाही के बाद इस मामले को ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास नहीं किया जाएगा, बल्कि कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाएगा, पर यदि ऐसा नहीं हुआ तो हम आगे की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
शैलेन्द्र श्रीवास्तव

0 Comments