रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
आदिवासी विद्यालयो को बनाया अड्डा
उमरिया --- उमरिया जिले के शिक्षा विभाग में व्याप्त अराजकता शिक्षा मंदिरों को चारागाह का अड्डा बना कर रख दिया है, मामला चाहे शिक्षा विभाग का हो या आदिवासी विकास का,सब जगह अराजकता पैर फैलाये बैठा हुआ है,सब जगह पद स्थापना से लेकर अध्ययन -अध्यापन और वित्तीय अनियमितता सुरसा के समान मुंह फैलाये खडी है, कोई देखने -सुनने वाला नहीं है, जिसकी जो मर्ज़ी, सो करें। कोई रोक -टोक नियम कायदो का पालन करता दिखाई नहीं देता। खंड शिक्षा अधिकारी से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी और संभागीय अधिकारियों तक मामले की गूँज बराबर पहुंचती है फिर भी परिणाम वही ढाक के तीन पात की कहावत से ज्यादा कुछ दिखाई नहीं देता है। शिकायतों के माध्यम से और समाचारो की गूँज से हर दिन शिकायते उच्च अधिकारियों तक पहुंचती है और उनकी जांच करायी जाती है, लेकिन दोषियों को इसके बाद अभय दान देकर सदा के लिए उन अनियमितताओं को दफन करने का प्रक्रम चल रहा है वह बेहद जोखिम पूर्ण और खतरनाक माना जाता है, क्योंकि जांच के बाद किसी तरह की कार्यवाही न होने से संबंधित दोषी अधिकारियों का मनोबल गलत कार्यों के लिये बढ जाता है और वह एक एक ग्यारह करने में आमादा होकर व्यापक स्तर पर अनियमितता करते हैं, जो शिक्षा जगत के लिये नासूर बन जाती है।
बताया जाता है कि उमरिया जिले के शिक्षा विभाग के विभिन्न विद्यालयों में पदांकित शिक्षको ने वर्ष 2019 में अपनी सुगमता को ध्यान में रखकर शिक्षा विभाग से आदिवासी विभाग में अपने तैनाती के लिये आवेदन आन लाइन किया गया था जिस पर राज्य शासन शिक्षा विभाग की अनापत्ति सहमति के आधार पर कार्यालय आयुक्त आदिवासी विभाग के व्दारा शासन के तय मापदंडों का पालन करते हुए अपने पत्र क्र शिक्षा /स्था -4 /2019 / 23262 भोपाल दिनांक 24-8-2019 को उमरिया जिले के 09 शिक्षकों की प्रति नियुक्ति 02 वर्षों के लिए की गयी थी जिन शिक्षकों में निर्मला सिंह माध्यमिक शिक्षक सोशल साइंस निपनिया विद्यालय, राजेश कुमार मिश्रा माध्यमिक शिक्षक खाले कठ ई , अजीत सिंह उइके माध्यमिक शिक्षक सोशल सांइस सेहरा टोला, श्री मती जानकी सैयाम माध्यमिक शिक्षक सोशल साइंस करसरा, श्री मती आभा सिंह माध्यमिक शिक्षक साइंस सेमरहा, जी श्याम राव माध्यमिक शिक्षक हिंदी नौरोजाबाद, नीरज व्दिवेदी प्राथमिक शिक्षक देवगवा खुर्द,जय भान सिंह श्याम प्राथमिक शिक्षक घोघरी और श्री मती रागनी सिंह प्राथमिक शिक्षक डोडगवां की प्रति नियुक्ति में उमरिया जिले के आदिवासी विकास विभाग में भेजा गया था, इन सबकी प्रतिनियुक्ति दिनांक 24-8-2019 से दो वर्षों के लिए किया गया था, लेकिन यह प्रतिनियुक्ति शिक्षक उसी आदेश पर अपने मन चाही जगह के विद्यालयों में अंगद के पैर बनकर जमे हुये हैं, प्रतिनियुक्ति में गयें इन शिक्षकों के जाने के बाद न तो शिक्षा विभाग को अपने कर्मचारियों को वापस लेने की जरूरत समझी और न ही आदिवासी विभाग ने अपने आयुक्त के आदेश के पालन के अनुरूप उन्हें वापस करने की जरूरत समझा। इस तरह शिक्षक अपने मन मालिक अनुसार अपनी डियूटी बजा रहे हैं। बताया जाता है कि यह शिक्षकों के पद स्थापना में शिक्षकों को मनचाही जगहों पर पदांकित कराने के लिए आदिवासी विभाग उमरिया के अधिकारियों पहली बार में ही मुरादे पूरी करके की गयी थी, जो आज भी समय समय पर उपकृत होते रहते हैं, इस तरह उमरिया जिले में शिक्षा विभाग में मची अंधेरगर्दी मामले को उठाने वालों को मुंह चिढाती नजर आ रही हैं और प्रतिनियुक्ति में गयें शिक्षक सेवा अवधि तक उसी आदेश पर अपनी सेवा पूरी करते दिखाई दे रहे हैं।


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