रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
अनूपपुर। जिले की जनपद पंचायत अनूपपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बदरा में विकास कार्यों, मूलभूत सुविधाओं और पंचायत प्रबंधन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत क्षेत्र में कई जरूरी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, लेकिन उनके निराकरण की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने पंचायत में कराए गए विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच और सामाजिक अंकेक्षण कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत क्षेत्र में सड़क, जलभराव, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था जैसी बुनियादी समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। कई स्थानों पर बारिश के बाद कीचड़ और जलभराव की स्थिति निर्मित हो जाती है, जिससे आवागमन प्रभावित होता है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की गलियों में जगह-जगह कचरा जमा होने से स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
पंचायत कार्यालय के आसपास सुविधाओं पर सवाल
ग्रामीणों ने पंचायत कार्यालय परिसर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों और कार्यालय तक पहुंचने वाले मार्ग पर पेवर ब्लॉक लगाए जाने का हवाला देते हुए सवाल उठाया है कि जब पंचायत स्तर पर विकास के लिए संसाधन सीमित हैं, तो प्राथमिकता तय करते समय आम ग्रामीणों की बुनियादी जरूरतों को पहले क्यों नहीं रखा गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के कई हिस्सों में सड़क और जलनिकासी की समस्या बनी हुई है, जबकि पंचायत कार्यालय के आसपास सुविधाओं पर अपेक्षाकृत अधिक ध्यान दिया गया है। ग्रामीणों ने पंचायत में स्वीकृत कार्यों, उनकी लागत, मौके पर हुए निर्माण और संबंधित भुगतानों की जांच की मांग की है।
स्वीकृत कार्य और धरातल की स्थिति की जांच की मांग
पंचायत में कराए गए विभिन्न निर्माण कार्यों को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत के रिकॉर्ड में दर्ज स्वीकृत कार्यों और धरातल पर दिखाई देने वाले कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाना चाहिए। इसके साथ ही कार्यों की गुणवत्ता, उपयोग की गई राशि और भुगतान से संबंधित दस्तावेजों की जांच की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि सामाजिक अंकेक्षण और निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पंचायत में स्वीकृत राशि का उपयोग निर्धारित कार्यों के लिए हुआ है या नहीं।
गंदगी और जलभराव से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत क्षेत्र के कई हिस्सों में नियमित साफ-सफाई नहीं होने के कारण कचरा जमा है। मंदिरों के आसपास भी गंदगी की शिकायत सामने आई है। जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से ग्रामीणों में मौसमी बीमारियों को लेकर चिंता है।
ग्रामीणों ने सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों के आसपास स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग की है। मंदिरों के प्रवेश मार्ग के आसपास संचालित दुकानों और अन्य गतिविधियों को लेकर भी ग्रामीणों ने प्रशासन से आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
एनएच-43 की स्ट्रीट लाइट बंद होने से सुरक्षा का खतरा
गांव से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के आसपास प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद हैं, जिसके कारण रात के समय अंधेरा रहता है। दुर्घटना की आशंका को देखते हुए उन्होंने बंद पड़ी लाइटों को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर जनसुविधाओं से जुड़े जरूरी कार्यों की अपेक्षित प्राथमिकता तय नहीं की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पंचायत विभाग के अधिकारियों से बदरा ग्राम पंचायत में पिछले वर्षों में स्वीकृत और पूर्ण कराए गए विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन, वित्तीय जांच और सामाजिक अंकेक्षण कराने की मांग की है। साथ ही पंचायत की साफ-सफाई, सड़क, जलनिकासी और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत समस्याओं का तत्काल निराकरण कराने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से होने पर पंचायत में विकास कार्यों और खर्च की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी। वहीं, लगाए गए आरोपों पर ग्राम पंचायत के सरपंच शिवभान सिंह का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।


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