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अमरकंटक में जगह-जगह शुल्क वसूली से पर्यटक परेशान, अवैध वसूली के आरोपों ने बढ़ाई चिंता

 


रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
प्रशासन से एकीकृत शुल्क व्यवस्था और मनमानी वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग

अमरकंटक। मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक में पर्यटन स्थलों पर अलग-अलग नामों से वसूले जा रहे शुल्क और प्रवेश मार्गों पर कथित अवैध वसूली को लेकर पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मामले को लेकर वरिष्ठ पत्रकार धनंजय तिवारी ने एक बार फिर प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करते हुए पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित पर्यटन व्यवस्था लागू किए जाने की मांग की है।

बताया जा रहा है कि अमरकंटक में प्रवेश के दौरान कुछ लोगों द्वारा चार पहिया वाहनों से सुविधा शुल्क के नाम पर कथित रूप से राशि वसूली जाती है। आरोप है कि शुल्क देने से इनकार करने पर पर्यटकों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी प्रशासन की ओर से नहीं हुई है।

कई स्थानों पर अलग-अलग शुल्क से पर्यटकों में असंतोष

अमरकंटक के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों रामघाट, सोनमुड़ा और कपिलधारा सहित लगभग सात स्थानों पर पार्किंग, ग्लास व्यू-प्वाइंट, बैरियर सहित अलग-अलग मदों में शुल्क लिए जाने की बात सामने आ रही है। पर्यटकों का कहना है कि विभिन्न स्थानों पर बार-बार शुल्क वसूले जाने से उन्हें असुविधा होती है और यह भी स्पष्ट नहीं हो पाता कि कौन-सा शुल्क किस अधिकृत संस्था अथवा व्यवस्था के तहत लिया जा रहा है।

रीवा, कवर्धा, हैदराबाद और बनारस सहित विभिन्न स्थानों से अमरकंटक पहुंचे पर्यटकों ने इस व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए एकीकृत पर्यटन शुल्क प्रणाली लागू करने की मांग की है। पर्यटकों का कहना है कि पर्यटन स्थलों पर निर्धारित शुल्क लेने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन शुल्क वसूली की प्रक्रिया स्पष्ट, अधिकृत और पारदर्शी होनी चाहिए।

शुल्क के बदले मूलभूत सुविधाओं की भी मांग

पर्यटकों का कहना है कि यदि पर्यटन शुल्क लिया जाता है तो उसके बदले पर्याप्त पार्किंग, स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि अलग-अलग स्थानों पर बार-बार शुल्क लेने के बजाय प्रवेश के किसी एक निर्धारित बिंदु पर एकीकृत शुल्क लिया जाए, जिससे पर्यटकों को बार-बार भुगतान करने की परेशानी से राहत मिल सके।

प्रशासन से जांच और पारदर्शी व्यवस्था की मांग

स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अमरकंटक में शुल्क वसूली की पूरी व्यवस्था की जांच कराई जाए। जिन स्थानों पर शुल्क लिया जा रहा है, वहां अधिकृत शुल्क दर, वसूली करने वाली संस्था और शुल्क के उद्देश्य की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए। साथ ही, यदि कहीं अनधिकृत अथवा जबरन वसूली की शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

अमरकंटक धार्मिक आस्था के साथ-साथ मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। ऐसे में यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। अब देखना होगा कि प्रशासन इन शिकायतों पर क्या कदम उठाता है और अमरकंटक में शुल्क वसूली की व्यवस्था को कब तक पारदर्शी एवं व्यवस्थित किया जाता है।


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