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जर्जर भवन के नीचे पढ़ने को मजबूर 11 नौनिहाल, 200 मीटर दूर से ढो रहे पानी

 


रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
पाठटोला प्राथमिक स्कूल में शिक्षक की कमी से भी पढ़ाई प्रभावित, ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग

अनूपपुर। जनपद पंचायत अनूपपुर अंतर्गत ग्राम कदमटोला के पाठटोला स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में बुनियादी सुविधाओं का अभाव बच्चों की पढ़ाई पर भारी पड़ रहा है। जर्जर भवन, खराब हैंडपंप और शिक्षकों की कमी के बीच यहां अध्ययनरत 11 बच्चे शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। विद्यालय भवन की छत से प्लास्टर झड़ रहा है और कई स्थानों पर सरिया बाहर निकल आई है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय भवन लंबे समय से मरम्मत की बाट जोह रहा है। भवन की छत और अन्य हिस्सों की हालत ऐसी है कि कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। विद्यालय परिसर का मुख्य सुरक्षा गेट भी जर्जर होकर गिरने की स्थिति में पहुंच गया है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से भवन की तत्काल मरम्मत कराने अथवा नए भवन का निर्माण कराने की मांग की है।

200 मीटर दूर से लाना पड़ता है पीने का पानी

विद्यालय में पेयजल की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। परिसर में लगा हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा है। पानी की व्यवस्था के लिए बच्चों और शिक्षकों को करीब 200 मीटर दूर स्थित निजी हैंडपंप या कुएं का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे जहां विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ती है, वहीं पढ़ाई का समय भी प्रभावित होता है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल जैसे स्थान पर स्वच्छ और सुलभ पेयजल की व्यवस्था होना बेहद जरूरी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस समस्या के समाधान को लेकर अब तक गंभीर नजर नहीं आया है।

शिक्षक की कमी से प्रभावित हो रही पढ़ाई

विद्यालय में शिक्षकों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक शिक्षिका अल्मा टोप्पो का नाम पाठटोला प्राथमिक शाला में दर्ज है और वेतन भी इसी विद्यालय से जारी होता है, जबकि उनकी ड्यूटी बदरा में लगी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में पदस्थ अन्य शिक्षक जब शासकीय कार्य अथवा विभागीय बैठकों में जाते हैं, तब बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।

कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई

विद्यालय के सहायक अध्यापक राम किशोर गुप्ता ने बुधवार को बताया कि विद्यालय की समस्याओं के संबंध में विभागीय अधिकारियों को कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होना जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

ग्रामीणों ने मांगी तत्काल व्यवस्था

ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से जर्जर भवन की स्थिति को देखते हुए नए विद्यालय भवन का निर्माण कराने, खराब हैंडपंप की तत्काल मरम्मत कराने और विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकों की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र के बच्चों को बेहतर और सुरक्षित शिक्षा का अधिकार है। इसके लिए स्कूल में भवन, पानी और पर्याप्त शिक्षकों जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।

निरीक्षण के बाद होगी कार्रवाई

मामले को लेकर जिले के सर्व शिक्षा अभियान के प्रमुख संजय कुमार मिश्रा ने कहा, “मामले की जानकारी लेकर विद्यालय का निरीक्षण कराया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।” अब देखना यह होगा कि विभागीय निरीक्षण के बाद पाठटोला प्राथमिक शाला की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान कब तक हो पाता है।


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