रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान व वरिष्ठ नेता आशीष त्रिपाठी ने जताई नाराजगी
अनूपपुर। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर जहां पूरा देश तिरंगे के सम्मान के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी सहित देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को स्मरण कर रहा था, वहीं अनूपपुर के पुराने नगर पालिका भवन परिसर में स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा कथित तौर पर उपेक्षित अवस्था में मिली। प्रतिमा स्थल पर नगर पालिका प्रशासन, अध्यक्ष अथवा पार्षदों की ओर से अपेक्षित साफ-सफाई, माल्यार्पण और श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं होने को लेकर नगरवासियों में नाराजगी देखी गई।
मामला सामने आने के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता आशीष त्रिपाठी सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। नगर पालिका की कथित उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वयं प्रतिमा की साफ-सफाई की और इसके बाद महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
नगर पालिका की जिम्मेदारी पर सवाल
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि 15 अगस्त केवल औपचारिक रूप से ध्वजारोहण और कार्यक्रम आयोजित करने का दिन नहीं है, बल्कि यह उन महापुरुषों को नमन करने का अवसर भी है, जिनके त्याग और संघर्ष से देश को स्वतंत्रता मिली। ऐसे राष्ट्रीय पर्व पर नगर के पुराने नगर पालिका भवन परिसर में स्थापित राष्ट्रपिता की प्रतिमा की साफ-सफाई और सम्मान की व्यवस्था नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब राष्ट्रीय पर्व की तैयारियां पहले से की जाती हैं, तो क्या नगर पालिका प्रशासन के पास राष्ट्रपिता की प्रतिमा तक पहुंचकर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि अर्पित करने का समय नहीं था? क्या नगर में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं के रखरखाव और राष्ट्रीय पर्वों पर सम्मान के लिए नगर पालिका ने कोई स्थायी व्यवस्था निर्धारित नहीं की है?
कांग्रेसियों ने स्वयं साफ की प्रतिमा
नगर पालिका प्रशासन की कथित उपेक्षा से क्षुब्ध कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सफाई सामग्री लेकर स्वयं महात्मा गांधी की प्रतिमा की सफाई की। इसके बाद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी के सम्मान में नारे लगाते हुए उनके सत्य, अहिंसा, त्याग और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को याद किया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान और वरिष्ठ नेता आशीष त्रिपाठी ने कहा कि महात्मा गांधी किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की धरोहर हैं। उनके सम्मान का विषय राजनीति से ऊपर है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में गांधी जी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से देशवासियों को एकजुट किया और आजादी के संघर्ष को जन-जन का आंदोलन बनाया।
महापुरुषों का सम्मान राजनीति से ऊपर
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान नगर परिषद भाजपा समर्थित है और नगर पालिका प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय महापुरुषों की प्रतिमाओं के सम्मान एवं रखरखाव के प्रति बरती जा रही कथित उदासीनता उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महापुरुषों का सम्मान किसी दल विशेष का विषय नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य, अहिंसा और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित रहा। असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे ऐतिहासिक आंदोलनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। ऐसे व्यक्तित्व की प्रतिमा यदि स्वतंत्रता दिवस के दिन भी उपेक्षित दिखाई दे, तो यह केवल एक प्रतिमा की अनदेखी नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की विरासत और उससे जुड़ी जनभावनाओं के प्रति संवेदनशीलता का प्रश्न है।
नियमित रखरखाव और स्थायी व्यवस्था की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका को शहर में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं की नियमित साफ-सफाई, रंग-रोगन और रखरखाव के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनानी चाहिए। राष्ट्रीय पर्वों—विशेषकर 15 अगस्त और 26 जनवरी—पर सभी प्रमुख प्रतिमा स्थलों पर सम्मान एवं माल्यार्पण की पूर्व निर्धारित व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
स्वतंत्रता दिवस पर गांधी प्रतिमा की कथित उपेक्षा और उसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा स्वयं सफाई कर माल्यार्पण किए जाने की घटना ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली को लेकर बहस छेड़ दी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि नगर पालिका प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और शहर में स्थापित राष्ट्रीय महापुरुषों की प्रतिमाओं के सम्मान एवं रखरखाव के लिए क्या स्थायी कदम उठाता है।


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