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‘अग्रवाल जी’ बनकर आया फोन, बेटी की बीमारी का झांसा… लिंक दबाते ही 65 हजार पार

 


रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
साइबर ठग का नया पैंतरा: पहले भरोसा जीता, फिर बैंकिंग लिंक भेजकर कराई रकम ट्रांसफर


शहडोल। साइबर ठग अब रिश्तेदारी और परिचय के भरोसे को हथियार बनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। सिंहपुर थाना क्षेत्र के जोधपुर में 42 वर्षीय विकास गुप्ता के साथ ठगी का ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोपी ने फोन कर खुद को कोतमा का ‘अग्रवाल’ बताया और बेटी की तबीयत खराब होने तथा डॉक्टर को तत्काल भुगतान करने की बात कहकर पीड़ित को विश्वास में ले लिया।

आरोपी ने पहले पीड़ित के मोबाइल पर 45 हजार और 55 हजार रुपये के मैसेज भेजे और बताया कि वह रकम उसके खाते में भेज रहा है। इसके बाद डॉक्टर के खाते में पैसे ट्रांसफर करने के नाम पर मोबाइल पर एक लिंक भेजा। लिंक खोलने पर वह बैंकिंग पेज जैसा दिखाई दिया। आरोपी के बताए तरीके से प्रक्रिया पूरी करते हुए विकास गुप्ता ने 20 हजार, 15 हजार और 30 हजार रुपये के तीन ट्रांजेक्शन में कुल 65 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।

रकम जाते ही मोबाइल बंद, तब खुला ठगी का राज

रकम ट्रांसफर कराने के बाद आरोपी ने पीड़ित से मोबाइल स्क्रीन के स्क्रीनशॉट मांगे। कुछ देर बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। संपर्क नहीं होने पर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने सिंहपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मोबाइल नंबर, बैंक खाते और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी की पहचान और रकम की आवाजाही का पता लगाया जा रहा है।

सावधान रहें—अनजान लिंक पर क्लिक न करें

साइबर विशेषज्ञों और पुलिस की लगातार अपील के बावजूद लोग भरोसे और जल्दबाजी में ठगों के जाल में फंस रहे हैं। किसी परिचित के नाम से फोन आने पर भी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए बिना पैसे ट्रांसफर न करें। अनजान लिंक न खोलें और बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा न करें।














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