रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
जिला पंचायत सदस्य जगन्नाथ शर्मा का एक सप्ताह का अल्टीमेटम; सड़कें दुरुस्त नहीं हुईं और खैरहा तक स्कूल बस नहीं पहुंची, तो दामिनी, खैरहा व राजेंन्द्रा खदानों के गेट पर होगा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और तालाबंदी
शहडोल। एसईसीएल (SECL) सोहागपुर एरिया के कोयलांचल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली और कोल प्रबंधन की कथित उदासीनता के खिलाफ अब जनाक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। एक ओर कोयला खदानों का संचालन लगातार जारी है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीण जर्जर सड़कों, धूल-धुएं और दुर्घटनाओं के खतरे के बीच आवागमन करने को मजबूर हैं। हालात यह हैं कि सड़कों की बदहाली आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है, जबकि स्कूल बस की अपर्याप्त व्यवस्था के कारण बच्चों को भी रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इन समस्याओं को लेकर जिला पंचायत निर्माण समिति के अध्यक्ष एवं क्षेत्र क्रमांक-12 के जिला पंचायत सदस्य जगन्नाथ शर्मा ने एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा में सड़कों की मरम्मत और खैरहा तक स्कूल बस संचालन की व्यवस्था नहीं की गई, तो क्षेत्रीय जनता एवं जनप्रतिनिधियों के साथ तीन भूमिगत खदानों के मुख्य द्वार पर आंदोलन किया जाएगा।
कोयला खदानों के भारी वाहनों का दबाव, बदहाल सड़कें बनीं हादसों का खतरा
ग्राम पंचायत सराईकापा से खैरहा तक जाने वाला बुढ़ार मुख्य मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में है। इसी मार्ग पर एसईसीएल की राजेंन्द्रा भूमिगत खदान, खैरहा भूमिगत खदान और दामिनी भूमिगत खदान संचालित हैं। इन खदानों से जुड़े भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण सड़क पर यातायात का दबाव बढ़ गया है, लेकिन इसके अनुरूप सड़क का चौड़ीकरण और स्थायी सुधार नहीं हो पाया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, लोक निर्माण विभाग के अधीन आने वाली इस सिंगल सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन चुके हैं। जुलाई माह में गड्ढों को भरने के लिए सीआरएम सामग्री डाले जाने के बावजूद अगस्त आते-आते सड़क की हालत फिर खराब हो गई। अस्थायी मरम्मत के टिकाऊ साबित नहीं होने से राहगीरों और वाहन चालकों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि खदानों के संचालन से प्रभावित इस क्षेत्र में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग और कोल प्रबंधन ठोस कदम कब उठाएंगे।
राजेंन्द्रा से अंगुला कॉलोनी तक सड़क की हालत बदतर
समस्या केवल मुख्य मार्ग तक सीमित नहीं है। राजेंन्द्रा कॉलोनी से अंगुला कॉलोनी तक लगभग दो किलोमीटर लंबी सड़क भी बदहाल स्थिति में पहुंच चुकी है। इस मार्ग से ग्रामीणों, कॉलोनीवासियों और कर्मचारियों का नियमित आवागमन होता है, लेकिन जगह-जगह बने गड्ढे लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क की खराब स्थिति के चलते वाहन चालकों को लगातार जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ता है। इसके बावजूद सड़क की स्थायी मरम्मत नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि कोल प्रबंधन अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़कों की तत्काल मरम्मत कराए और सुरक्षित आवागमन के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करे।
बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा से समझौता क्यों?
कोयलांचल क्षेत्र में कार्यरत कोल कर्मचारियों के कई बच्चे खैरहा में रहते हुए धनपुरी स्थित केंद्रीय विद्यालय में अध्ययन करते हैं। लेकिन आरोप है कि स्कूल बस की सुविधा केवल राजेंन्द्रा तिराहे तक सीमित है और खैरहा तक बस नहीं पहुंचती। इसके चलते अभिभावकों को रोजाना छोटे बच्चों को तिराहे तक छोड़ने और वापस लाने की परेशानी उठानी पड़ती है।
यह स्थिति बच्चों की सुरक्षा और अभिभावकों की दैनिक दिनचर्या, दोनों के लिए चिंता का विषय है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब क्षेत्र में कोल कर्मचारियों और उनके परिवारों की बड़ी आबादी निवास करती है, तो बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक पहल क्यों नहीं की जा रही है?
अभिभावकों की मांग है कि स्कूल बस का संचालन खैरहा तक सुनिश्चित किया जाए, ताकि बच्चों को अनावश्यक परेशानी और सड़क पर आवागमन के जोखिम से बचाया जा सके।
जगन्नाथ शर्मा की दो-टूक चेतावनी: एक सप्ताह में समाधान, वरना होगा आंदोलन
क्षेत्र की इन समस्याओं को गंभीरता से उठाते हुए जिला पंचायत निर्माण समिति के अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य जगन्नाथ शर्मा ने एसईसीएल प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने मांग की है कि एक सप्ताह के भीतर सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत की दिशा में ठोस कार्रवाई शुरू की जाए और खैरहा तक स्कूल बस संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जगन्नाथ शर्मा ने कहा कि यदि निर्धारित समयसीमा में समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो क्षेत्रीय जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ दामिनी भूमिगत खदान, खैरहा भूमिगत खदान तथा राजेंन्द्रा भूमिगत खदान के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर खदानों के गेट पर तालाबंदी का कदम भी उठाया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षित आवागमन और बच्चों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अब और अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी कोल प्रबंधन की होगी।
अब प्रबंधन के फैसले पर टिकी क्षेत्रवासियों की निगाहें
कोयलांचल की जर्जर सड़कें, भारी वाहनों की आवाजाही और स्कूल बस की अपर्याप्त सुविधा अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर जनहित के मुद्दे बन चुके हैं। क्षेत्रवासी लंबे समय से इन समस्याओं के स्थायी समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं। ऐसे में जगन्नाथ शर्मा के अल्टीमेटम के बाद एसईसीएल प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रबंधन एक सप्ताह के भीतर सड़क सुधार और स्कूल बस संचालन को लेकर ठोस पहल करता है या फिर क्षेत्र में प्रस्तावित आंदोलन व्यापक रूप लेता है। फिलहाल ग्रामीणों की मांग साफ है—**सड़कों की बदहाली दूर हो, बच्चों को सुरक्षित परिवहन मिले और कोयलांचल के लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष न करना पड़े।**


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