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सम्मानित पत्रकारों पर फर्जी हरिजन एक्ट लगाकर छवि धूमिल करने का प्रयास डा प्रणय तिवारी मुख्यमंत्री प्रशंसा प्राप्त , विकास शर्मा समाजसेवी पत्रकार

 




मोहम्मद शकील 

तेंदुआढ शिक्षक रामराज कोल से करवाई हरिजन थाने में रिपोर्ट

ब्योहारी :- ब्योहारी में अब समाजसेवा से राजनीतिक पार्टियां, स्कूल शिक्षा विभाग , पंचायत विभाग, नगर पालिका इतने ज्यादा विचलित हो गए हैं कि अब एक एन जी ओ के पदाधिकारी के लोकप्रिय कार्यों ‌को , सच्चाई को दबाने के लिए किसी भी तरह से ना बिक पाने‌ पर अब पैंतरा प्रयोग किया गया है हरिजन आदिवासी थाने में तेंदुआढ के शिक्षक रामराज कोल के द्वारा डा प्रणय तिवारी के नाम पर रसीद सहित पैसे देने का प्रताड़ित करने का आरोप लगवाया गया है और‌ यह भी बात सत्य है कि अकेले शासकीय शिक्षक रामराज कोल अपने विद्यालय के कार्य को छोड़कर तो ऐसा स्वयं नहीं करेंगे यह एक आपराधिक षड़यंत्र है।

छवि धूमिल करने के लिए और षड़यंत्र के लिए वीकेश पटेल ने बतलाया कि शिक्षा विभाग वालों ने‌ जिसमें सनत पटेल थे इन‌ने और रामराज कोल ने मिलकर कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर मुझे गलत जानकारी दी तथा नाम बदनाम करने के लिए भारतीय जनयुग में प्रकाशित करने को कहा ।

ये‌ हैं कारण‌ :-  हाल ही में स्टाप क्राईम आर्गनाइजेशन और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रांतीय महासचिव डा प्रणय तिवारी ने ग्राम छिरहा के हरिजनों की समस्याओं का निराकरण करने‌ का प्रयास किया आधा हल भी हो गया आधा बचा है मुंदरिया के हरिजनों की भी समस्याओं को लेकर पीड़ित आए थे जिस पर प्रभावी कार्रवाई हुई तहसीलदार श्री अभयानंद शर्मा जी ने स्वयं जाकर हरिजनों के बंद रास्ते को खुलवाया ,डा प्रणय तिवारी , पुष्पेन्द्र चौधरी सब साथ रहे , इसी प्रकार से शासकीय विद्यालयों में चल रही मनमानी को लेकर सी एम हेल्पलाइन का सहारा भी लिया जा रहा है क्योंकि गरीबों के बच्चों में ज्यादातर हरिजन और आदिवासियों के बच्चे ही हैं जिसके कारण शिक्षकों और अधिकारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा उन बेचारों का बौद्धिक स्तर कबाड़ कर डाला गया जिससे व्यथित समाजसेवी ने यह कदम उठाया ।

शिकायतों का यह दौर 3 वर्ष से चल रहा है फिर भी शैक्षणिक दशा में सुधार नहीं केवल मोटी वेतन ली जाती है और शिक्षा के नाम पर दुर्दशा के सारे प्रमाण डा प्रणय तिवारी के पास उपलब्ध हैं ।

इसमें विकास शर्मा ने कोने कोने से घूसखोरी को खत्म करने की मुहिम भी चलाई थी जिसके कारण कुछ दलाल परेशान थे आपरेशन प्रहार में भी दोनों ने ही गोपनीय रूप से सक्रिय भूमिका निभाई थी ड्रग माफिया जगत भी फंसाना चाहता था ।

ग्राम पंचायत तेंदुआढ की दुर्दशा पर प्रहार हो रहा था,सनत पटेल शासकीय माध्यमिक विद्यालय ब्योहारी ने ही रामराज कोल को उकसाया था सबूत मौजूद हैं।

कोरोनाकाल के प्रथम चरण में देश के कोने-कोने से फंसे हुए गरीब मजदूरों को निकलवाया गया था जिसमें सभी हरिजन एवं आदिवासी भाईयों ने जो कहा था वो भी जमकर वायरल हुआ था जिससे शासन प्रशासन की कमी भी उजागर हुई थी आज वही लोग उनके साथ हैं तो लग रहा होगा कहीं इसका साइड इफेक्ट्स चुनावों में ना पड़ जाए , वीडियो उपलब्ध हैं एवं पुरस्कार प्राप्ति हेतु आवेदन भी अभी प्रचलन में है , पुरस्कार ना देना पड़े इसलिए हरिजन एक्ट लगा दो बात समझ से बाहर है ।

इसके अलावा रियाज अन्य अपराधिक प्रकरणों को उजागर करने के लिए सूचना का अधिकार भी लगाया था

अतिरिक्त कारण और भी हैं कि ग्राम पंचायत तेंदुआढ के घोटाले का पर्दाफाश करना जनता को जागरूक करना और सरपंच साहब भी श्री रामराज जी के ही आदरणीय समाज के हैं ।

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