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अश्लील डांस प्रोग्राम एवं प्यार मोहब्बत इश्क बाजी भरी प्रस्तुतियों ने बाणगंगा मेला के संस्कृत मंच की छवि को किया धूमिल।

 


रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग 

पीले पीले होठों से शराब बन जाऊंगी। 

लड़की पटा ले बबुआ।

अभिषेक द्विवेदी, मुख्य पुजारी बाणगंगा मंदिर शहडोल
गोविंद सिंह परिहार, अध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद शहडोल 


अश्लील डांस प्रोग्राम एवं प्यार मोहब्बत इश्क बाजी भरी प्रस्तुतियों ने बाणगंगा मेला के संस्कृत मंच की छवि को किया धूमिल।

शहडोल जिले के बाणगंगा मेला के सांस्कृतिक मंच से अश्लील और फूहड़ प्रस्तुतियों ने सनातन धर्म की भावनाओं को पहुंचाई ठेस।

शहडोल जिले में मकर संक्रांति के अवसर पर हर वर्ष सात दिवसीय मेले का आयोजन होता है इन 7 दिनों में प्रत्येक दिन शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं जिन कार्यक्रमों में विभिन्न तरह की प्रस्तुतियां दी जाती हैं ,


विगत 4 सालों से इस संस्कृत मंच से अश्लील और फूहड़ प्रस्तुतियां होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश है ।


लोगों का कहना है की बाण गंगा मेला और विराट मंदिर हमारी आस्था का प्रतीक है सनातन शक्ती का केंद्र है  इसलिए यहां सनातन से जुड़ी ही प्रस्तुतियां होनी चाहिए जो की नहीं हो रही हैं।

साथी साथ ऐतिहासिक विराट मंदिर के पास ही कंपोजिट शराब की दुकान है जिस दुकान के सामने खुलेआम शराब का सेवन करते लोग नजर आ रहे हैं जबकि वहां से बच्चे महिलाएं आम नागरिक निकल रहे हैं,



नगर पालिका परिषद को उस जगह पर बैरिकेड लगाकर उसे कवर कर देना चाहिए था पर ऐसा नगर पालिका परिषद ने नहीं किया। 

नगर पालिका परिषद के द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए हैं जो की एक चर्चा का विषय बने हुए हैं, मेले में एक भी ऐसा होर्डिंग नहीं है जिसमें कोई इमर्जेंसी हेल्पलाइन नंबर लिखा गया हो, सुरक्षा के माप दंड लिखे गए हो, व्यापारियों की रेट सूची लिखी हो, वाहन स्टैंड की रेट सूची लिखी हो। 

संवाददाता शहडोल - अरुण द्विवेदी 

सूत्रों के मुताबिक इन संस्कृत मंचों पर हो रहे कार्यक्रमों का 5 लाख रुपए का टेंडर था जिसमें भ्रष्टाचार करते हुए ऐसी टीमों से प्रस्तुति कराई गई जिनसे नगर पालिका परिषद भ्रष्टाचार कर सके।

इस तरह के कार्यक्रमों के कारण इस ऐतिहासिक मंच की साख पर भी नगर पालिका परिषद शहडोल प्रश्न चिन्ह लगा रही  है। 

पीले पीले होठों से शराब बन जाऊंगी जैसे गाने एवं नृत्य की प्रस्तुतियों ने इस ऐतिहासिक बाणगंगा मेला की छवि को धूमिल किया है , जिसका सनातन धर्मालंबियों ने घोर विरोध किया है। 

स्थानीय सनातनी लोगों का कहना है कि यह सनातन का मंच है इसमें सातों दिन भजन, जागरण, पंडवानी आदि तरह के धार्मिक कार्यक्रमों का ही आयोजन होना चाहिए, जिसमें हमारी सनातन संस्कृति की झलक हो। 

पर नगर पालिका परिषद शहडोल के द्वारा सनातन परंपरा के विपरीत फूहड़ , अश्लील और स्तरहीन प्रस्तुतियों का मंचन इस मंच के माध्यम से कराया गया।



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