रिपोर्ट @संतोष कुमार मिश्रा
छात्राओं को स्वस्थ रहने दिया सेहत भरा संदेश
बिरसिंहपुर पाली --अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज देशभर में नारी शक्ति का सम्मान किया गया , इसी कड़ी में उमरिया जिले के पाली स्थित पीएम श्री कन्या शिक्षा परिसर में एक महिला सम्मान का भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया हुआ । 'सक्षम शक्ति संगठन' और 'भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन' के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में योग के माध्यम से छात्राओं को निरोगी काया और स्वावलंबन का पाठ पढ़ाया गया।
विदित होवे की पीएम श्री कन्या शिक्षा परिसर पाली में कार्यक्रम का शुभारंभ मां बीणा वादिन सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर छात्राओं को किताबी ज्ञान के साथ जीवन जीने की कला भी सिखाई गई।
कार्यक्रम के पहले चरण में योग प्रशिक्षक नेहा मिश्रा ने छात्राओं को विभिन्न आसन और प्राणायाम का अभ्यास कराते हुये ,,योग के जरिए छात्राओं को बताया कि एक स्वस्थ बालिका ही एक स्वस्थ महिला बनकर स्वस्थ समाज की नींव रख सकती है, छात्राओं ने भी पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भागीदारी निभाते हुए स्वस्थ और निरोगी जीवन जीने का संकल्प लिया।
सक्षम शक्ति संगठन की अध्यक्ष माधवी सिंह ने बेटियों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। वहीं, मुख्य अतिथि चंद्रकला विश्वकर्मा और विशिष्ट अतिथि माननीय न्यायाधीश गोविंद पाल ने छात्राओं को कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए बालिकाओं के अधिकारों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में जेल अधीक्षक डी.के. सरस, चीफ केमिस्ट दिव्या तिवारी और प्राचार्य सरिता जैन ने भी अपने विचार रखे और बेटियों को शिक्षित होकर समाज में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम में महिला बाल विकास की परियोजना अधिकारी मोनिका सिन्हा ने बतलाया की आज देश में महिलायें सजग और उत्साही कार्यों के लिए जानी जाती है, वह समाज में किसी से पीछे नहीं है बल्कि समाज का जो ताना बाना बना हुआ है उसमें महिलाओं की भूमिका सराहनीय बनी हुई है। आज महिलाये सक्षम होकर हर क्षेत्र में डांका बजा रही है, जरूरत है दृढ इच्छा और संकल्प की।
,भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन की माधवी सिंह ने महिला दिवस के उपलक्ष्य में विचार व्यक्त करते हुए कहा की आज की नारी को समाज में बराबरी का दर्जा प्राप्त हैं, कही पर भी नारी अपने आप को असहज, असहाय महसूस न करें, उनकी सुरक्षा के लिए संविधान में विशेष प्रावधान किये गए हैं । अब नारी किसी की पिछलग्गू और आश्रित नहीं रह गयी। वह अपना जीवन आत्म सम्मान के साथ जी सकती है।


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