रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
अनूपपुर। देश में बढ़ती महंगाई, आर्थिक असमानता और आम नागरिकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया है। कांग्रेस पार्टी के जिला महामंत्री सतेन्द्र स्वरूप दुबे ने प्रधानमंत्री के हालिया वक्तव्य और आम जनता को दिए गए संयम एवं बचत संबंधी सुझावों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि देश को चलाने की जिम्मेदारी केवल गरीब और मध्यम वर्गीय जनता पर ही क्यों डाली जा रही है।उन्होंने कहा कि आज आम नागरिक महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव के बीच त्राहिमाम की स्थिति में जीवन यापन कर रहा है। ऐसे समय में जनता को सोना न खरीदने, फोर व्हीलर का उपयोग कम करने और खर्चों में कटौती की सलाह देना उचित नहीं है, जबकि दूसरी ओर सत्ता में बैठे नेता और मंत्री वैभव एवं दिखावे की राजनीति में लगे हुए हैं।
सत्येंद्र स्वरूप दुबे ने कहा कि यदि देशहित में त्याग और संयम की आवश्यकता है तो इसकी शुरुआत सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों और बड़े पदों पर बैठे लोगों से होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर आम जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी आयोजनों, प्रचार-प्रसार और सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकतंत्र में जन सहभागिता और जनभावनाओं का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। सरकार को ऐसे निर्णय लेने चाहिए जिससे आम नागरिकों को राहत मिले, न कि उन पर अतिरिक्त नैतिक दबाव डाला जाए। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत करने में किसान, मजदूर, कर्मचारी, व्यापारी और आम नागरिक की सबसे बड़ी भूमिका होती है, इसलिए उनकी परेशानियों को समझना और समाधान देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि महंगाई नियंत्रण, रोजगार सृजन और आम जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि लोगों को आर्थिक संकट से बाहर निकाला जा सके।


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