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कन्या शिक्षा परिसर पाली में छात्रवृत्ति महा घोटाले के विरुद्ध आंदोलन छेडेगा --अभाविप

 


रिपोर्ट @शम्भूनाथ सोनी

खंड शिक्षा अधिकारी पद से हटा कर  जांच की मांग 


​उमरिया: कन्या शिक्षा परिसर पाली  में छात्रवृत्ति वितरण मामले में हुए घोटाले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद  ने मोर्चा  खोल दिया है, बताया जाता है की वर्ष 2025-26 में छात्रवृत्ति जो की छात्राओं के सीधे बैंक खाते में आयी थी उस राशि को कन्या शिक्षा परिसर की प्राचार्य ने छात्राओं से राशि लेकर उस राशि में बडा खेला कर लिया है ‌। कन्या शिक्षा परिसर में अध्ययन रत 450 छात्राओ के साथ हुये इस धोखे बाजी के विरुद्ध  अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने लड़ाई छेड दी है और इसका ज्ञापन उपायुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग शहडोल को सौपते हुए मांग की है कि इस विद्यालय की प्राचार्य जो की खंड शिक्षा अधिकारी  कार्यालय पाली के पद पर सुशोभित है, इसकी जांच खंड शिक्षा अधिकारी पद से हटाते हुए की जानी चाहिए ‌‌। यह तीखे आरोप कन्या शिक्षा परिसर की प्राचार्य सरिता जैन के ऊपर लगाये गये हैं। यद्दपि इन्हें उपायुक्त शहडोल ने इस विद्यालय से पहले ही हटा दिया है। मालुम होवे की सरिता जैन एक साथ कई दायित्वों का एक साथ प्रभार संहाल रही थी, जिस वजह से उपायुक्त शहडोल ने कन्या शिक्षा परिसर से एक पखवाड़े पूर्व ही हटाने के निर्देश जारी कर दिये है ‌। 

​अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने  कन्या शिक्षा परिसर और जनजातीय कार्य विभाग में व्याप्त भारी भ्रष्टाचार एवं गंभीर अनियमितताओं के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए  छात्राओं के लूट से मुक्त कराते हुए  न्याय दिलाने के लिए बीड़ा उठाया  हैं। 

​अभाविप ने आरोप लगाया है कि जनजातीय वर्ग की छात्राओं के भविष्य और उनके अधिकारों के साथ प्रशासनिक संरक्षण में जिस तरह  सरेआम लूट की गयी है निस्संदेह इसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। ज्ञापन में पूर्व प्राचार्य एवं वर्तमान अधिकारी श्रीमती सरिता जैन की कार्यप्रणाली को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं।

​प्रेस विज्ञप्ति  में मुख्य रूप से  आरोप लगाते हुए बतलाया गया है कि कन्या शिक्षा परिसर में अध्ययन रत लगभग ​450 छात्राओं की छात्रवृत्ति का अप्रत्यक्ष रूप से  गबन कर लिया गया है, जिसके पुख्ता प्रमाण परिषद के पास उपलब्ध हैं।

​ सूचना अधिकार अधिनियम में भ्रामक जानकारी 

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक आकाश तिवारी ने अपने प्रेस विज्ञप्ति में बतलाया की कन्या शिक्षा परिसर से जुड़ी जानकारी के लिए सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी चाही गयी थी, जिसकी भ्रामक जानकारी देकर मामले को रफा दफा कर दिया गया आपने बताया कि यह  भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए चाही गयी जानकारी के बजाय अन्य दस्तावेजों का पुलिंदा पकडा दिया गया जो कि  नियमों के विरुद्ध है। इन्होंने नियमों को ताक पर रखकर एक मामले में  3000 पन्नों की अधूरी, भ्रामक और अप्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराई , जिसमें कोई वैध जावक नंबर तक दर्ज नहीं है, ताकि जांच को भटकाया जा सके।

​घटिया वस्त्र वितरण और टेंडर में धांधली: 

 परिसर में छात्राओं को वितरित किए गए कपड़ों की गुणवत्ता अत्यंत निम्न स्तर की है। अभाविप ने टेंडर प्रक्रिया, सामग्री खरीदी और शैक्षणिक भ्रमण के नाम पर की गई भारी कमीशनखोरी की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच की मांग की है।

​अधिकारी का पुराना दागी रिकॉर्ड: इससे पूर्व भी श्रीमती सरिता जैन द्वारा रमसा (RAMSA) कन्या छात्रावास में वित्तीय अनियमितता की शिकायतें दर्ज हैं, जिन पर प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे उनके हौसले बुलंद हैं।

​अभाविप की प्रमुख मांगें और चेतावनी:

अभाविप उमरिया के जिला संयोजक आकाश तिवारी ने तीखे शब्दों में कहा कि, "सैकड़ों जनजातीय छात्राओं की छात्रवृत्ति का पैसा हड़पना एक अक्षम्य अपराध है। हमारी स्पष्ट मांग है कि इस महाघोटाले की तत्काल उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और साक्ष्यों की सुरक्षा हेतु श्रीमती सरिता जैन को उनके सभी वर्तमान प्रभारों से तत्काल पृथक किया जाए।"

​अभाविप ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित छात्राओं को न्याय नहीं मिला और दोषियों पर अविलंब कार्रवाई नहीं हुई, तो विद्यार्थी परिषद पूरे जिले में उग्र जन-आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

किसी को इस तरह दोषी नहीं मानना चाहिए --प्राचार्य 

इस संदर्भ में कन्या शिक्षा परिसर  की प्राचार्य सरिता जैन धर्म ने कहा कि यह आरोप झूठे  है और इस आधार पर किसी को दोषी नहीं माना जा सकता।


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