रिपोर्ट @मुर्तुजा अंसारी
नगर परिषद बरगवां-अमलाई में महीनों से चल रहे पाइपलाइन कार्य के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं होने से बढ़ी परेशानी, लोगों ने अधिकारियों से नियमित निरीक्षण और तत्काल सुधार की मांग की
अनूपपुर। नगर परिषद बरगवां-अमलाई क्षेत्र में नल-जल योजना के तहत घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से पाइपलाइन बिछाने का कार्य पिछले कई महीनों से जारी है। योजना का उद्देश्य सराहनीय है, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं किए जाने से कई वार्डों के रहवासी भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। जगह-जगह सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं, जिससे बड़े-बड़े गड्ढे, कीचड़ और मिट्टी के ढेर लोगों के लिए रोजाना मुसीबत बन गए हैं।
स्थानीय वार्डवासियों का कहना है कि जब ठेकेदार के कर्मचारियों से खुदाई के बाद गड्ढों को ठीक तरह से भरने और सड़क को समतल करने की बात कही जाती है, तो वे केवल आश्वासन देकर दूसरे वार्ड में काम शुरू कर देते हैं। लोगों का आरोप है कि जहां-जहां पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है, वहां सड़कों की मरम्मत और सफाई का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। परिणामस्वरूप पूरे वार्ड में जगह-जगह गड्ढे, कीचड़ और उबड़-खाबड़ रास्ते लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। नागरिकों का कहना है कि एक वार्ड का अधूरा काम छोड़कर दूसरे वार्ड में कार्य शुरू कर देने से समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
बारिश के दौरान हालात और भी खराब हो जाते हैं। सड़कें कीचड़ में तब्दील हो जाती हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना रहता है। वहीं बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चों को पैदल चलने में भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्वतंत्रता दिवस की तिरंगा रैली को लेकर बढ़ी चिंता
नगर परिषद बरगवां-अमलाई के जिन वार्डों में पाइपलाइन का कार्य चल रहा है, वहां कई शासकीय एवं निजी विद्यालय संचालित हैं। 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विद्यालयों द्वारा तिरंगा रैली, प्रभात फेरी एवं अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। लेकिन बदहाल सड़कें, खुले गड्ढे और कीचड़ के कारण स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों में चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत और सफाई नहीं कराई गई, तो राष्ट्रीय पर्व पर बच्चों को इन रास्तों से निकालना जोखिम भरा हो सकता है।
स्वतंत्रता दिवस से पहले भी नहीं हुआ निरीक्षण
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व से पहले भी नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारियों ने संबंधित वार्डों की बदहाल सड़कों का निरीक्षण करना उचित नहीं समझा। जबकि राष्ट्रीय पर्व पर हजारों लोगों की आवाजाही और स्कूली बच्चों की तिरंगा रैली इन्हीं मार्गों से होकर निकलनी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए जाते, तो सड़कों की मरम्मत, गड्ढों की भराई और सफाई का कार्य पहले ही पूरा कराया जा सकता था। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी विकास कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की निगरानी कितनी गंभीरता से कर रहे हैं।
वार्डवासियों का कहना है कि नल-जल योजना जनहित की महत्वपूर्ण योजना है, लेकिन इसका क्रियान्वयन भी तय मानकों के अनुरूप होना चाहिए। पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की तत्काल मरम्मत, गड्ढों को समतल करना और पूरे क्षेत्र की सफाई कराना भी संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी है।
स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद बरगवां-अमलाई के अधिकारियों से सभी वार्डों का नियमित निरीक्षण करने, पाइपलाइन कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने तथा संबंधित ठेकेदार को निर्देशित कर अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि जब विकास कार्य जनता की सुविधा के लिए किए जा रहे हैं, तो क्या जिम्मेदार विभाग समय रहते बदहाल सड़कों की मरम्मत कर आम नागरिकों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, या लोगों को इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ता रहेगा?


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