रिपोर्ट @शम्भूनाथ सोनी
बिरसिंहपुर पाली, उमरिया। पाली विकासखंड अंतर्गत बिरसिंहपुर क्षेत्र में इन दिनों किसानों को यूरिया के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खरीफ सीजन में धान और मक्का की फसल में यूरिया की सबसे ज्यादा जरूरत है, लेकिन सहकारी समितियों में खाद खत्म होने का बोर्ड लगा है, वहीं निजी दुकानों पर यूरिया 1000 रुपये प्रति बोरी तक बेची जा रही है।
जबकि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित यूरिया का अधिकतम खुदरा मूल्य 266.50 रुपये प्रति 45 किलो की बोरी है। इसके बाद भी किसानों से तीन गुना से अधिक दाम वसूला जा रहा है।
स्थानीय किसानों का आरोप है कि कुछ निजी खाद विक्रेता और बिचौलिये मिलीभगत कर दिन में गोदाम बंद रखते हैं और रात में ऊंचे दामों पर यूरिया बेचते हैं। किसानों ने बताया कि उन्हें मजबूरी में अधिक दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही है, क्योंकि समय पर खाद न मिलने से फसल खराब होने का डर है।
बिरसिंहपुर--हनी सोनी ने बताया कि वे पिछले चार दिनों से सहकारी समिति के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार खाद खत्म होने की बात कह कर लौटा दिया जाता है। वहीं बाहर दुकानों पर वही खाद 900 से 1000 रुपये में आसानी से मिल रही है। सेल्समेन दुकानदार का कहना है कि इसके साथ 5 किलो जिंक लेंगे 7: 50 रू की तभी आपको यूरिया मिलेगी बिना जिंक के खाद नहीं मिलेगा बिल मांगने पर कच्चा बिल दिया गया खाद दी जा रही है, जिससे शिकायत करने पर सबूत भी नहीं बचता।
इस संबंध में किसानों ने पाली के अनुविभागीय अधिकारी कृषि और तहसीलदार से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। किसानों की मांग है कि क्षेत्र में यूरिया की कालाबाजारी पर तत्काल रोक लगाई जाए, सभी निजी दुकानों के स्टॉक की जांच की जाए और दोषी विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई के साथ किसानों को शासकीय दर पर यूरिया उपलब्ध कराई जाए।



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