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कचरा दान हटाने की तस्वीर ने उठाए सवाल, नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर जांच की मांग

 


रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
वार्ड क्रमांक 5 में सार्वजनिक स्थल से कचरा दान हटाकर ट्रैक्टर में लोड करने का फोटो सामने आया, आदेश और निस्तारण प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल


अनूपपुर। शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए नगर पालिका परिषद द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित किए गए कचरा दानों की निगरानी और रखरखाव को लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। जिला मुख्यालय के पुराने पोस्ट ऑफिस रोड स्थित वार्ड क्रमांक 5, सब्जी मंडी के समीप लगाए गए कचरा दान को हटाकर ट्रैक्टर में लोड किए जाने का एक फोटो सामने आया है। तस्वीर में दो व्यक्ति कचरा दान जैसी संरचना को उठाकर वाहन में रखते हुए दिखाई दे रहे हैं।

फोटो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि आखिर सार्वजनिक स्थल पर स्थापित इस कचरा दान को हटाने का निर्णय किसके निर्देश पर लिया गया और हटाई गई सामग्री को बाद में कहां रखा गया। हालांकि, इस संबंध में नगर पालिका की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

आदेश और रिकॉर्ड की जांच क्यों जरूरी?

स्थानीय नागरिकों के अनुसार उक्त स्थान पर नगर पालिका की स्वच्छता व्यवस्था के तहत कचरा दान स्थापित किया गया था। यदि किसी कारण से कचरा दान क्षतिग्रस्त अथवा अनुपयोगी हो गया था और उसे हटाया गया, तो नियमानुसार इसकी कार्रवाई किस आदेश के तहत की गई—यह स्पष्ट होना आवश्यक है।

क्या इसे हटाने के लिए सक्षम अधिकारी की अनुमति ली गई थी? क्या इसकी स्थिति का पंचनामा अथवा अन्य कोई रिकॉर्ड तैयार किया गया? क्या हटाई गई सामग्री को नगर पालिका के स्टॉक अथवा संपत्ति रजिस्टर में दर्ज किया गया? ऐसे कई सवाल अब सामने आ रहे हैं।

कबाड़ में निस्तारण हुआ या सुरक्षित रखा गया?

मामले को लेकर यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं हटाए गए कचरा दान को कबाड़ के रूप में निस्तारित तो नहीं कर दिया गया। हालांकि, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए किसी अधिकारी या कर्मचारी पर आरोप लगाने के बजाय संबंधित रिकॉर्ड और मौके की वास्तविक स्थिति की जांच कराना आवश्यक माना जा रहा है।

यदि कचरा दान अनुपयोगी घोषित किया गया था, तो उसके निस्तारण के लिए अपनाई गई प्रक्रिया, संबंधित स्वीकृति और सामग्री के अंतिम निस्तारण का रिकॉर्ड भी सार्वजनिक होना चाहिए, ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके।

इन सवालों का जवाब दे नगर पालिका

वार्ड क्रमांक 5 में स्थापित कचरा दान हटाने का आदेश किस अधिकारी ने दिया?

क्या कचरा दान हटाने अथवा तोड़ने के संबंध में कोई लिखित आदेश जारी हुआ था?

फोटो में दिखाई दे रहे वाहन और कर्मचारियों को यह कार्रवाई करने के लिए किस स्तर से अधिकृत किया गया था?

हटाए गए कचरा दान की प्रविष्टि किस स्टॉक अथवा संपत्ति रजिस्टर में की गई?

यदि कचरा दान अनुपयोगी था, तो उसे अनुपयोगी घोषित करने की प्रक्रिया क्या रही?

सामग्री को कबाड़ अथवा अन्य रूप में निस्तारित किया गया तो उसकी स्वीकृति और रिकॉर्ड कहां है?

वर्तमान में उक्त सामग्री कहां है और इसकी जिम्मेदारी किसके पास है?

क्या नगर में स्थापित अन्य कचरा दानों का भी भौतिक सत्यापन कराया गया है?


सार्वजनिक धन से खरीदी संपत्ति की निगरानी जरूरी

स्वच्छता अभियान के तहत लगाए जाने वाले कचरा दान केवल स्वच्छता व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि सार्वजनिक संसाधनों से तैयार की गई नगर पालिका की संपत्ति भी हैं। ऐसे संसाधनों की स्थापना के साथ उनकी नियमित निगरानी, रखरखाव और उचित निस्तारण की प्रक्रिया भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

यदि कोई कचरा दान क्षतिग्रस्त हो गया है या उपयोग के योग्य नहीं बचा है, तो उसे हटाने और निस्तारित करने की पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड में होना आवश्यक है। इससे न केवल पारदर्शिता बनी रहती है, बल्कि भविष्य में किसी प्रकार की अनियमितता की आशंका भी समाप्त होती है।

जांच के बाद ही तय हो जिम्मेदारी

वार्ड क्रमांक 5 के मामले में सामने आए फोटो के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, संबंधित आदेशों, स्टॉक एवं संपत्ति रजिस्टर, वाहन उपयोग संबंधी रिकॉर्ड तथा मौके की स्थिति के सत्यापन के बाद ही वास्तविक तथ्य सामने आ सकते हैं।

यदि जांच में नियमों के विपरीत कार्रवाई अथवा नगर पालिका की संपत्ति के अनधिकृत निस्तारण की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। वहीं यदि कार्रवाई विधिवत आदेश के तहत की गई है, तो नगर पालिका प्रशासन को संबंधित दस्तावेज सामने रखकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका परिषद और जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने, वार्ड क्रमांक 5 में हटाए गए कचरा दान की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने तथा नगर में स्थापित अन्य कचरा दानों का भी भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए संसाधनों की स्थापना के साथ उनकी पारदर्शी निगरानी भी आवश्यक है।

फोटो कैप्शन:
अनूपपुर के वार्ड क्रमांक 5 में कचरा दान को उठाकर ट्रैक्टर में लोड करते दिखाई दे रहे व्यक्ति। सामने आई तस्वीर के बाद कचरा दान हटाने के आदेश, रिकॉर्ड और निस्तारण प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं।


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