रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
अनूपपुर। जिला मुख्यालय के वार्ड क्रमांक 09 में पास्टर येशु दास के आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। स्थानीय लोगों की शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंची और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की। शिकायतकर्ताओं ने कार्यक्रम को धर्मांतरण से जुड़ा होने का आरोप लगाया है, जबकि आयोजन से जुड़े लोगों का कहना है कि यह एक निजी पारिवारिक कार्यक्रम था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से बढ़ा संदेह
जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 09 स्थित आवास पर एक कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने की सूचना सामने आई। स्थानीय लोगों को जब सभा की जानकारी मिली तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कार्यक्रम धार्मिक गतिविधियों की आड़ में आयोजित किया जा रहा था और इसमें लोगों को प्रभावित कर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किए जाने की आशंका थी।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के बाहर से, विशेषकर केरल सहित अन्य राज्यों से लोग पहुंचे थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी पुलिस जांच में होना बाकी है।
पुलिस पहुंची तो मची हलचल
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने आयोजन में शामिल लोगों से पूछताछ की तथा कार्यक्रम से संबंधित परिस्थितियों की जानकारी जुटाई।
वहीं, मकान मालिक एवं पास्टर येशु दास की ओर से बताया गया कि आयोजन निजी एवं पारिवारिक प्रकृति का था। उनका कहना है कि इसमें रिश्तेदारों और परिचितों ने हिस्सा लिया था। दूसरी ओर, शिकायतकर्ताओं ने आयोजन की प्रकृति और बाहरी राज्यों से आए लोगों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए हैं।
आरोपों की जांच में जुटी पुलिस
मामले को लेकर पुलिस ने उपलब्ध जानकारी और शिकायतों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आयोजन का वास्तविक स्वरूप क्या था, वहां किन लोगों की मौजूदगी थी और कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की ऐसी गतिविधि हुई या नहीं, जो कानून के दायरे में आती हो।
धर्मांतरण से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
वार्ड 09 की इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कुछ लोगों ने प्रशासन से धार्मिक आयोजनों और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने की मांग की है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कार्यक्रम में वास्तव में कोई अवैध धर्मांतरण गतिविधि हुई थी या नहीं।
मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


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