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स्कूल में बच्चों को कथित तौर पर परोसा गया कीड़े वाला चावल, पानी जैसी दाल का आरोप

 


रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने उठाए गंभीर सवाल, कलेक्टर से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग


अनूपपुर। जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत बसही के ग्राम भर्राटोला स्थित शासकीय प्राथमिक पाठशाला में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और निर्धारित मेन्यू के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को शासन द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुरूप भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर अनूपपुर को शिकायत पत्र सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार शासकीय प्राथमिक पाठशाला भर्राटोला (बसही), डाइस कोड 23471100502 में महिला स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार किए जाने वाले मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों को बेहद पतली, पानी जैसी दाल परोसी जाती है, जबकि सब्जी में अधिकांशतः आलू और सोयाबीन की बड़ी का इस्तेमाल किया जाता है। इससे निर्धारित मेन्यू और बच्चों को दिए जा रहे भोजन के बीच अंतर होने का आरोप लगाया गया है।

चावल में कीड़े मिलने का आरोप

मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने सबसे गंभीर आरोप चावल को लेकर लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि बच्चों को परोसे जाने वाले चावल में कथित तौर पर कीड़े पाए गए हैं। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो यह बच्चों के स्वास्थ्य और विद्यालय में संचालित मध्यान्ह भोजन व्यवस्था की निगरानी को लेकर गंभीर मामला हो सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के भोजन के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। उनका कहना है कि मध्यान्ह भोजन का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है, इसलिए इसकी गुणवत्ता और स्वच्छता की नियमित निगरानी आवश्यक है।

खाद्यान्न की उपलब्धता पर भी सवाल

शिकायत में मध्यान्ह भोजन के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली खाद्यान्न सामग्री को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय के लिए मिलने वाली खाद्यान्न सामग्री महिला स्व-सहायता समूह को उपलब्ध कराने के बजाय कथित रूप से किसी अन्य व्यक्ति के पास रखी जा रही है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इसके कारण विद्यालय में पर्याप्त खाद्य सामग्री उपलब्ध नहीं हो पाती और बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिल पाता।

हालांकि, इन सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

कलेक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने कलेक्टर अनूपपुर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही विद्यालय में उपलब्ध खाद्यान्न, तैयार किए जा रहे मध्यान्ह भोजन, भोजन की गुणवत्ता, निर्धारित मेन्यू के पालन तथा खाद्यान्न के रख-रखाव की जांच कराई जाए। शिकायतकर्ताओं ने दोष सिद्ध होने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

समाचार लिखे जाने तक मामले में संबंधित विद्यालय प्रबंधन अथवा महिला स्व-सहायता समूह का पक्ष या आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने तथ्यात्मक हैं।


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