रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
सुहैल आलम के नेतृत्व में उठी बस सुविधा, पुस्तकालय, डिजिटल आईडी कार्ड और कक्षाओं के नियमित संचालन की मांग
शहडोल। पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं को लंबे समय से हो रही विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर सोमवार को छात्र प्रतिनिधि सुहैल आलम के नेतृत्व में विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा। विद्यार्थियों ने छात्रहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से समस्याओं के शीघ्र और प्रभावी निराकरण की मांग की।
छात्रों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बस सुविधा, पुस्तकालय की व्यवस्था, डिजिटल आईडी कार्ड, कक्षाओं के नियमित संचालन सहित अन्य मूलभूत छात्र सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को शामिल किया गया। विद्यार्थियों का कहना है कि पर्याप्त बस सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें विश्वविद्यालय आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। छात्रों ने आवागमन की समस्या को देखते हुए पर्याप्त एवं सुचारु बस सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।
इसके अलावा विद्यार्थियों ने पुस्तकालय की सुविधाओं में सुधार, अध्ययन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने, विद्यार्थियों को समय पर डिजिटल आईडी कार्ड प्रदान करने तथा कक्षाओं का नियमित एवं व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने की मांग रखी। छात्रों का कहना है कि बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए इन मूलभूत सुविधाओं का सुचारु होना बेहद आवश्यक है।
समस्याओं के निराकरण के लिए प्रशासन से लगातार मांग
छात्र प्रतिनिधि सुहैल आलम ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है। छात्रों की मूलभूत सुविधाओं एवं शैक्षणिक व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निराकरण होना आवश्यक है, ताकि विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई के दौरान अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान है और यहां विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं एवं अध्ययन का अनुकूल वातावरण मिलना चाहिए। छात्रों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
15 दिवस में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के दौरान छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट रूप से अवगत कराया कि यदि 15 दिवस के भीतर उनकी मांगों एवं समस्याओं का उचित निराकरण नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। विद्यार्थियों ने कहा कि उनका उद्देश्य विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना और छात्रहित से जुड़े मुद्दों का शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से समाधान कराना है।
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांगों पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने और विद्यार्थियों को राहत प्रदान करने की अपेक्षा जताई।
ये छात्र रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान छात्र नेता रिषभ ठाकुर, राज मिश्रा, अनिरुद्ध उपाध्याय, अमन उपाध्याय, अखिलेश चौधरी, वंश निगम, शुभ तिवारी, आकृति गौतम, कौशल मंसूरी, रुक्मणी माझी, दुर्गा मिश्रा, पुष्पा केवट, आना फातिमा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



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