रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
गोविंदा कॉलोनी के बिजली सब-स्टेशन में आधी रात वारदात, ताला और चैनल गेट तोड़कर मुख्य कॉपर केबल ले गए चोर; गली-मोहल्लों में संचालित कबाड़ ठिकानों की जांच की मांग
कोतमा। कोयलांचल क्षेत्र में कबाड़ चोरों के बढ़ते हौसले अब आम नागरिकों के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं। कोतमा नगर के वार्ड क्रमांक 12 स्थित एसईसीएल जमुना-कोतमा क्षेत्र की गोविंदा कॉलोनी में अज्ञात चोरों ने आधी रात बिजली सब-स्टेशन को निशाना बनाकर मुख्य सप्लाई की कॉपर केबल काटकर चोरी कर ली। चोर सब-स्टेशन का ताला और चैनल गेट तोड़कर अंदर दाखिल हुए और करीब 20 हजार रुपये से अधिक कीमत की केबल लेकर फरार हो गए।
केबल चोरी की इस वारदात का सीधा असर कॉलोनी के 100 से अधिक क्वार्टरों पर पड़ा। बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण रहवासियों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। बिजली बंद होने से पानी की व्यवस्था भी प्रभावित हुई, जिससे लोगों को दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ताला और चैनल गेट तोड़कर काटी मुख्य केबल
जानकारी के मुताबिक, रात के समय अज्ञात चोरों ने बिजली सब-स्टेशन में प्रवेश किया। चोरों ने कटर सहित अन्य औजारों का इस्तेमाल करते हुए मुख्य विद्युत सप्लाई की कॉपर केबल काट दी और उसे लेकर मौके से फरार हो गए। चोरी गई केबल की अनुमानित कीमत 20 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है।
बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने जब सब-स्टेशन का निरीक्षण किया, तब ताला और चैनल गेट टूटे मिले तथा केबल चोरी होने की जानकारी सामने आई।
बिजली के साथ पानी भी हुआ प्रभावित
सब-स्टेशन से केबल चोरी होने के बाद गोविंदा कॉलोनी के 100 से अधिक परिवारों की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। बिजली नहीं होने के कारण पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई। इससे रहवासियों को रात में अंधेरे के साथ पेयजल और दैनिक जरूरतों के लिए पानी की समस्या से भी जूझना पड़ा।
कॉलोनी में रहने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना के बाद रहवासियों और महिला कर्मचारियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखी गई।
कोयलांचल में बढ़ती चोरी की घटनाओं से चिंता
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कोयलांचल क्षेत्र में कबाड़ चोरी से जुड़ी गतिविधियां लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। कॉलरी क्षेत्र, औद्योगिक परिसरों और आवासीय कॉलोनियों से जुड़े सामान की चोरी की घटनाओं को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
ऐसे में महत्वपूर्ण सवाल यह है कि बिजली जैसे संवेदनशील और आवश्यक बुनियादी ढांचे से जुड़े परिसर की सुरक्षा के लिए पर्याप्त निगरानी व्यवस्था क्यों नहीं है। यदि सब-स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर चोर आसानी से प्रवेश कर मुख्य केबल काटकर ले जा सकते हैं, तो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कबाड़ के ठिकानों की जांच की उठी मांग
घटना के बाद क्षेत्र में संचालित कबाड़ के ठिकानों को लेकर भी स्थानीय नागरिकों ने जांच की मांग उठाई है। लोगों का आरोप है कि गली-मोहल्लों में संचालित कुछ कबाड़ के ठिकानों पर चोरी का सामान खपाए जाने की आशंका बनी रहती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में संचालित संदिग्ध एवं अवैध कबाड़ ठिकानों की जांच की जाए और चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त में किसी तरह की संलिप्तता सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
पहले भी हो चुकी है कबाड़ ठिकाने पर कार्रवाई
स्थानीय नागरिकों ने पूर्व में हुई पुलिस कार्रवाई का भी हवाला दिया। कुछ समय पहले बसखली तिराहे पर संचालित बबलू कबाड़ी के ठिकाने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक दर्जन से अधिक चोरी की गाड़ियां बरामद किए जाने का मामला सामने आया था। बताया गया था कि वाहनों को काटे जाने से पहले ही पुलिस ने उन्हें जब्त कर लिया था और संबंधित आरोपी को जेल भेजा गया था।
इसी पृष्ठभूमि में गोविंदा कॉलोनी में हुई ताजा केबल चोरी ने एक बार फिर कबाड़ के कारोबार और चोरी के सामान की संभावित खरीद-फरोख्त को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वारदात के बाद अब पुलिस की कार्रवाई पर नजर
गोविंदा कॉलोनी की घटना ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पुलिस के सामने चोरों तक पहुंचने की चुनौती भी खड़ी कर दी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए केवल वारदात के बाद कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। चोरी के सामान को खपाने वाले संभावित ठिकानों की भी नियमित जांच और निगरानी जरूरी है।
अब देखना यह है कि 100 से अधिक घरों को अंधेरे और पानी के संकट में धकेलने वाली इस वारदात के आरोपियों तक पुलिस कब पहुंचती है और क्षेत्र में सक्रिय कबाड़ कारोबार की आड़ में चोरी के सामान की कथित खरीद-फरोख्त पर कब प्रभावी का


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