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सुहैल आलम के नेतृत्व में छात्रों का हल्ला बोल, विश्वविद्यालय की समस्याओं को लेकर कुलपति के नाम सौंपा ज्ञापन

 


रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
लंबित परीक्षा परिणाम जारी करने, एग्रीकल्चर विभाग की समस्याओं के निराकरण और जर्जर कक्षाओं में सुधार की उठी मांग


शहडोल। पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय में व्याप्त विभिन्न शैक्षणिक एवं बुनियादी समस्याओं को लेकर मंगलवार को छात्र प्रतिनिधि सुहैल आलम के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। नवलपुर कैंपस में बड़ी संख्या में एकत्रित हुए छात्र-छात्राओं ने लंबित समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की। प्रदर्शन के बाद छात्रों ने कुलपति महोदय के नाम ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की।

लंबित परीक्षा परिणाम और बदहाल कक्षाओं का मुद्दा उठा

छात्रों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में प्रमुख रूप से प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लंबित परीक्षा परिणाम तत्काल घोषित करने, एग्रीकल्चर विभाग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का निराकरण करने तथा ओल्ड कैंपस की जर्जर कक्षाओं में आवश्यक सुधार कराने की मांग शामिल रही। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

छात्रों का कहना है कि परीक्षा परिणाम में देरी, विभागीय समस्याओं और शैक्षणिक सुविधाओं की कमी के कारण विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन को इन समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

सुहैल आलम बोले—छात्रों की जायज मांगों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र प्रतिनिधि सुहैल आलम ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष उठाया जा रहा है। इसके बावजूद यदि छात्रों को अपने परीक्षा परिणाम, शैक्षणिक सुविधाओं और बुनियादी व्यवस्थाओं के लिए परेशान होना पड़े, तो यह गंभीर विषय है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुने और उनका समयबद्ध निराकरण करे। छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की जायज मांगों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल हुए छात्र-छात्राएं

धरना-प्रदर्शन के दौरान अखिल चौधरी, ऋषभ ठाकुर, धनराज पटेल, सचिन यादव, शिवम पटेल, दुवेंद्र श्याम, कार्तिक केशरवानी, अनुराग चौधरी, प्रिंस सेन, आयुष सिंह सेंगर, ऋषित मिश्रा, हिमांशु रजक, अर्जुन सिंह, समीर अंसारी, शुभम तिवारी, वंश निगम, इकलाख खान, दुर्गा मिश्रा, पूजा यादव, राधा मिश्रा, पुष्पा केवट, आकृति गौतम, कौसर मंसूरी, श्रेया साहू, रुक्मिणी माझी और माया मेहरा सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष

प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राओं ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय में व्याप्त समस्याओं के समाधान के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ज्ञापन में उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द सकारात्मक कार्रवाई की जाए।

छात्रों को उम्मीद है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए लंबित समस्याओं के निराकरण की दिशा में ठोस पहल करेगा। वहीं, छात्र प्रतिनिधि सुहैल आलम के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सुविधाओं, परीक्षा परिणामों और विद्यार्थियों की बुनियादी जरूरतों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने रखा।


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