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पाली कालरी के ऐतिहासिक दशहरे की तैयारियां शुरू

 


रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
70 वर्षों से चली आ रही परंपरा का होगा निर्वहन, 50-50 फीट ऊंचे रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का होगा दहन

बिरसिंहपुर पाली। एसईसीएल (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के जोहिला क्षेत्र अंतर्गत पाली उपक्षेत्र का ऐतिहासिक दशहरा महोत्सव इस वर्ष भी पूरे उत्साह, श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। लगभग सात दशकों से चली आ रही इस परंपरा के तहत नगर के मां बिरासिनी स्टेडियम में दशहरा उत्सव आयोजित किया जाता है। कालरी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आर्थिक सहयोग से आयोजित होने वाले इस पारंपरिक आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

कालरी कॉलोनी में दुर्गा पूजा, मां काली की आराधना जारी

दशहरा महोत्सव को लेकर पाली नगर में धार्मिक उत्साह का माहौल बनने लगा है। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी कालरी कर्मचारियों के सहयोग से पाली कॉलोनी में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है। वहीं, नवरात्रि के दौरान दुर्गा पूजा के साथ कालरी मोहाड़े में मां काली की प्रतिदिन विधिवत पूजा-अर्चना की जा रही है। धार्मिक अनुष्ठानों के बीच दशहरा पर्व की तैयारियां भी जोर पकड़ रही हैं।

20 अक्टूबर को होगा भव्य दशहरा महोत्सव

भारतीय हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को पाली नगर के ऐतिहासिक मां बिरासिनी क्रिकेट स्टेडियम में दशहरा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर भगवान श्रीराम द्वारा अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक स्वरूप लगभग 50-50 फीट ऊंचे रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा।

आयोजन में एसईसीएल जोहिला क्षेत्र के क्षेत्रीय महाप्रबंधक श्री सुरेंद्र सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पाली उपक्षेत्रीय प्रबंधक श्री रवीन्द्र गोटमारे करेंगे।

भव्य आतिशबाजी और आकर्षक झांकियां रहेंगी मुख्य आकर्षण

दशहरा महोत्सव में भव्य आतिशबाजी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगी। इसके साथ ही नगर पालिका परिषद पाली की ओर से धार्मिक एवं सामाजिक झांकियां निकाली जाएंगी। ये झांकियां नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए मां बिरासिनी क्रिकेट स्टेडियम पहुंचेंगी। झांकियों के माध्यम से धार्मिक आस्था, सामाजिक संदेश और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।

कालरी प्रबंधन के साथ नगरवासियों का भी रहता है सहयोग

पाली का ऐतिहासिक दशहरा महोत्सव केवल कालरी प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे नगर की सामूहिक आस्था और सहभागिता का प्रतीक बन चुका है। आयोजन को सफल बनाने में कालरी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ नगरवासियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहता है।

दशहरा महोत्सव को देखते हुए नगर पालिका परिषद पाली द्वारा साफ-सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने की तैयारियां की जा रही हैं। वहीं, आयोजन के दौरान शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

सात दशक पुरानी परंपरा, आज भी कायम है उत्साह

लगभग 70 वर्षों से निरंतर चली आ रही यह परंपरा पाली नगर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी दशहरा महोत्सव में पाली नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।

कालरी प्रबंधन ने पाली नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से इस ऐतिहासिक दशहरा महोत्सव में शामिल होकर पर्व की गरिमा बढ़ाने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

धर्म की विजय और असत्य पर सत्य की जीत का संदेश देने वाला पाली का यह ऐतिहासिक दशहरा महोत्सव एक बार फिर परंपरा, आस्था और सामाजिक एकता का संगम बनने जा रहा है।









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