मोहम्मद असलम शेर
अपात्रों से रिश्वत लेकर तालाब एवं खेल मैदान की भूमि का चोरी छिपे कर रहे पीडीए
उमरिया । जिले की मानपुर जनपद के कुठुलिया गांव के आदिवासियों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर वन अधिकार कानून के क्रियान्वयन में वन विभाग की भूमिका को धिक्कार भेजा है । ग्रामीण आदिवासियों ने आरोप लगाया है कि पटेहरा बीट के भाग 1 एवं 2 में वनाधिकार कानून के तहत प्राप्त दावों के निराकरण हेतु वन रक्षकों द्वारा किए जा रहे पीडीए में भारी गड़बड़ी की जा रही है । वनकर्मी रिश्वत लेकर शासकीय तालाब एवं खेल मैदान की भूमि का चोरी-छिपे पीडीए कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर पुश्तैनी रूप से काविजकास्त भूमि पर निवासरत आदिवासियों के दावों की अनदेखी की जा रही है । वनकर्मी उनके भूमि का पीडीए करने में आनाकानी कर रहे हैं । हालांकि सम्बद्ध वनरक्षकों ने इस आरोप को झूठा एवं मनगढ़ंत बताया है ।*
ज्ञापन में बताया गया है कि पटेहरा बीट के भाग एक एवं दो में वनाधिकार कानून के तहत भूमि अधिकार प्रदान किये जाने हेतु वनरक्षक दलबीर सिंह एवं राजीव रंजन वर्मा द्वारा पीडीए किया जा रहा है । उक्त दोनों वनरक्षक ग्राम पंचायत पटेरा के सरपंच सचिव एवं वन अधिकार समिति के अध्यक्ष से सांठगांठ करके अपात्र व्यक्तियों से दस दस हजार रुपये की रिश्वत लेकर वनाधिकार देने के लिए पीडीए कर रहे हैं, जबकि पात्र परिवारों के काविजकास्त की भूमि जिसमें वे निवासरत हैं का पीडीए नहीं किया जा रहा है ।
वनरक्षकों द्वारा अपात्र परिवारों को लाभ पहुंचाने की गर्ज से किये जा रहे इस गड़बड़झाले को छिपाने के लिए गांव को अंधेरे में रखकर रात में चोरी-छिपे पीडीए किया जा रहा है ।
ग्रामीणों ने इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच करने का की मांग करते हुए कलेक्टर से अपील की है कि वनाधिकार कानून के क्रियान्वयन की नोडल एजेंसी आदिम जाति कल्याण विभाग को पूरे प्रक्रिया की निगरानी करने, हितग्राहियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और शिकायतों के निराकरण करने का समुचित निर्देश दें ।
*इनका कहना है-*
वनाधिकार कानून के क्रियान्वयन की नोडल एजेंसी आदिम जाति कल्याण विभाग ने आदिवासियों को वन विभाग के रहमो-करम पर छोंड़ दिया गया है । यही वजह है कि वन विभाग इस महत्वकांक्षी कानून को पलीता लगा रहा है । कलेक्टर से अपील है कि मामले की जांच कर कार्यवाही सुनिश्चित करें ।
*धर्मदास सिंह*
आदिवासी नेता, कुठूलिया, मानपुर,


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