रिपोर्ट @शम्भूनाथ सोनी
पुलिस की छानबीन पर उठते सवाल, हर घटना पर मृतक को दोषी मानकर मामलो को कर देती, रफा -दफा
बिरसिंहपुर पाली --- एक सप्ताह के अन्दर पाली थाना क्षेत्र के अन्तर्गत दो बैगा समुदाय की महिलाओं और एक गोंड समुदाय पुरूष की आत्म हत्याओ ने एक बार नयी बहस को शुरू कर दी है, की एक सप्ताह के अन्दर घटित तीन आत्म हत्याओ के दोषियों का राज फास होगा की फिर वही मृतकों को दोषी मानकर सदा के लिए फाइलें दफन कर दी जायेगी। बताया जाता है कि पिछली घटनाओं में भी पाली पुलिस आत्म हत्याओं को उजागर करने की बजाय मृतकों को दोषी मानकर मामलों को रफा दफा करने का इतिहास कायम कर चुकी है ।
माना जाता है कि अपराध जगत में कोई भी घटना कभी भी बिना वजह के घटित नहीं होती है, फिर जान गवाने जैसी घटनाये तो कदापि नहीं, फिर भी पुलिस गंभीर जांच की बजाय इस मसले को इतनी सहजता से मिट्टी में मिला देती है , की इन मामलों में मृतक के अलावा और इन आत्म हत्याओं के घेरे में कुछ आता ही नहीं, जबकि हर घटना के पीछे एक राज छिपा होता है, जरूरत है उसके तह तक पहुचने की सच्ची लगन और ईमानदारी से प्रयास की, क्योंकि हर घटना अपने पीछे कुछ ऐसी निशान देही छोड़ जाते हैं, जो घटनाओं के तार छोड़ जाने के लिए पर्याप्त होते हैं।
पाली थाना के अन्तर्गत कांचोदर गाँव में दो बैगा समुदाय की महिलाओं के व्दारा की गई आत्म हत्या और पतनार खुर्द में गोंड समुदाय की आत्म हत्या ने आदिवासी समुदाय में खलबली मचा रखी है की अब किसकी बारी है। विदित होवे की मनीषा पति लालू बैगा आयु लगभग 36 वर्ष निवासी कांचोदर ने 23 अप्रैल 2026 को जहर खाकर अपनी देह लीला समाप्त कर ली, वही इसके चिता की आग ठंडी भी नहीं हुई थी की एक और युवती ने इसी गाँव में फांसी लगाकर मृत्यु को गले लगा ली। बताया जाता है कि भानुमती पति शोभनाथ नामक बैगा समाज की महिला ने अपने घर पर ही फांसी के फंदे को लगे लगा लिया, इनकी आयु तकरीबन 32 वर्ष के आसपास बतायी जाती है, इन मामले से आदिवासी समुदाय उबरा भी नहीं था कि इसी थाना के पतनार खुर्द में प्रताप सिंह गोंड ने 29 अप्रैल को जंगल में फांसी के फंदे पर झूल गया, न जाने किनके गले लगने से पीड़ित होकर आत्म हत्या का वरण किया है। आदिवासियों की आत्म हत्याओं के इस सिलसिले से एक तरफ आदिवासी समुदाय गहरे सदमे में छाया हुआ है वही पुलिस की जांच प्रक्रिया फिलहाल ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। अपेक्षा है कि आत्म हत्याओं के इस गंभीर मामलों में उच्च पुलिस प्रशासनिक अधिकारी सूक्ष्म तम जांच कर असली गुनाह गारो तक पहुच कर लगातार घटित हो रही घटनाओं में अंकुश लगाने में सफलता अर्जित करेंगी।


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