रिपोर्ट @मुर्तुजा अंसारी
अनूपपुर। पटनाकला गांव के खुटवा बीट अंतर्गत राजेंद्रग्राम किरर इलाके के जंगल इन दिनों वन्यजीवों के लिए सुरक्षित नहीं रह गए हैं। दो दिनों के भीतर दो नर हिरणों की मौत ने वन विभाग के दावों की जमीनी हकीकत उजागर कर दी है। हालात यह हैं कि भीषण गर्मी के बीच जंगलों में पानी की कमी से जूझ रहे वन्यप्राणी अपनी प्यास बुझाने के लिए गांवों की ओर रुख कर रहे हैं, जहां वे असुरक्षित हालात का शिकार बन रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, गांव के आसपास पहुंच रहे हिरणों पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला किया, जिससे उनकी जान चली गई। पहली घटना के बाद मृत हिरण का अंतिम संस्कार अमलाई मोहड़ा स्थित खुटवा चौकी कार्यालय के पीछे कर दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी हालात में कोई सुधार नहीं दिखा। चौंकाने वाली बात यह रही कि अगले ही दिन उसी क्षेत्र में एक और बड़े नर हिरण का शव मिल गया, जिसने विभागीय इंतजामों पर सवाल और गहरे कर दिए।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि जंगलों में न तो पानी की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर प्रभावी निगरानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे हादसे आगे भी जारी रह सकते हैं। वहीं, वन विभाग की गश्त और संवेदनशीलता दोनों पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे पूरे मामले में जवाबदेही तय करना जरूरी नजर आ रहा है।



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