रिपोर्ट @शम्भूनाथ सोनी
**पाली, उमरिया।** भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर मंत्र और राष्ट्र की धड़कन माने जाने वाले राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के गौरवशाली अवसर पर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) जिला उमरिया की पाली इकाई द्वारा एक अत्यंत भव्य एवं देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभाविप के देशव्यापी 'परिसर-परिसर वंदे मातरम' अभियान के अंतर्गत यह विशेष कार्यक्रम स्थानीय 'कन्या शिक्षा परिसर, पाली' में पूरी गरिमा और अदम्य उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में उपस्थित सैकड़ों छात्राओं ने एक स्वर में जब 'वंदे मातरम' का गान किया, तो पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति की भावना से गुंजायमान हो उठा। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पाली की माननीय न्यायाधीश श्रीमती पूजा गोले जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्रीमती सरिता जैन जी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने छात्राओं को 'वंदे मातरम' के स्वर्णिम इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में इस गीत के अप्रतिम योगदान से अवगत कराया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि वंदे मातरम केवल कुछ शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि यह वह ऊर्जा है जिसने लाखों क्रांतिकारियों को हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमने की प्रेरणा दी थी। आज के युवाओं और विशेषकर छात्राओं को इसी राष्ट्रप्रेम की भावना को अपने भीतर संजोकर राष्ट्र निर्माण में अपनी महती भूमिका निभानी है।
जिला संयोजक आकाश तिवारी जी ने विद्यार्थी परिषद के 'परिसर-परिसर वंदे मातरम' अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगठन का मूल उद्देश्य छात्र शक्ति को राष्ट्र शक्ति में बदलना है। ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और अपनी गौरवशाली परंपराओं से जोड़े रखने का एक सशक्त माध्यम हैं।
कन्या शिक्षा परिसर की छात्राओं ने पूरे अनुशासन और श्रद्धा के साथ इस कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने इस अत्यंत सफल, अनुशासित और ऊर्जावान आयोजन के लिए एबीवीपी पाली इकाई के कार्यकर्ताओं और विद्यालय प्रबंधन के प्रयासों की प्रशंसा की। राष्ट्रगान के साथ इस भव्य कार्यक्रम का समापन हुआ।


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