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शासन के तय मापदण्डों का अक्षरशः किया जायेगा पालन --व्दिवेदी

 


रिपोर्ट @शम्भूनाथ सोनी

बजरंग पावर कंपनी लिमिटेड के पिथौरा कोल ब्लाक की जनसुनवाई संपन्न 

बिरसिंहपुर पाली -- उमरिया जिले के आदिवासी विकास खंड पाली के घुनघुटी ग्राम पंचायत के अन्तर्गत आने वाले पतनार खुर्द, और पतनार कला में बजरंग पावर इस्पात कंपनी के व्दारा ई आक्सन में मिले कोल ब्लाक की जन सुनवाई आज खुले मंच के माध्यम से रखी गयी। यह कोल ब्लाक से अनुमानित एक लाख मीलियन टन से डेढ सौ मीलियन टन कोयला उत्खनन का कार्य प्रति वर्ष किया जायेगा। देश में बढते ऊर्जा खपत के दृष्टिकोण से यह कोल ब्लाक भारत सरकार व्दारा बजरंग पावर इस्पात कंपनी को प्रदान किया गया है, जिसके प्राथमिक क्रियांवयन के पूर्व जन सुनवाई का कार्यक्रम खुले मंच के माध्यम से रखा गया। इस कोल ब्लाक की औसत आयु 65 वर्ष बतायी जा रही है। 

इस जन सुनवाई कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों और राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों ने भाग लेकर पर्यावरण के साथ स्थानीय मुद्दों, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य,, और बुनियादी बातों का बारी बारी से अपनी बात रखी ‌।  

जन सुनवाई में उठायी गयी मांग, अपेक्षाओं के सापेक्ष में बजरंग पावर इस्पात कंपनी लिमिटेड के  महाप्रबंधक शशिधर व्दिवेदी ने सभी बिन्दुओं का क्रमवार समाधान करते हुए बतलाया की यह कोल ब्लाक की स्वीकृति भारत सरकार के व्दारा जन हित के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए आंबटित किया गया है, हम भारत सरकार के निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए कोयला खदान का  संचालन किया  जायेगा, साथ ही क्षेत्रीय नागरिकों ने जो अपेक्षायें की है , गुरूतर लाभ पहुचाया जायेगा। 

बजरंग पावर इस्पात कंपनी के महा प्रबंधक श्री व्दिवेदी  ने जन सुनवाई में रोजगार संबंधी उठायी गयी मांगो को रेखांकित करते हुए कहा की इस कोल खदान में 543 लोगों के लिए   रोजगार  सृजित किया गया है, अगर दक्ष हाथ मिल जाये  तो हम क्षेत्र के बाहर से एक भी नहीं लायेगें। पूरे यही के नौजवानों को रोजगार में  रखा जायेगा। आपने कहा की अभी भी स्थानीय लोगों से काम में लगाया जा रहा है। 

शिक्षा संबंधित मांग पर श्री व्दिवेदी ने कहा की क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थानों में भवनों की आपूर्ति, और बिषय विशेषज्ञों की व्यवस्था की जायेगी। एक चिकित्सालय खोला जायेगा जहाँ पर कंपनी के कर्मचारियों के साथ क्षेत्रीय नागरिकों को भी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुचाया जायेगा ‌। 

पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कहा की सभी गांवों में फिल्टर प्लांट लगाकर पेयजल की उत्तम व्यवस्था की जायेगी। कोल खदान के कारण जल स्तर में गिरावट संबंधी समस्या के लिये खदान से निकले जल का शुद्धिकरण कर तालाबों में जल संचयन का काम किया जायेगा।

पर्यावरण संबंधी समस्याओं के निराकरण करते हुए बतलाया गया की साल भर में लगभग 15 हजार वृक्ष लगाये जायेगें। इस परियोजना में अनुमानित 7500 वृक्ष काटे जायेगें, इन वृक्षों के बदले में वन विभाग को वृक्ष लगाने के लिये तय राशि कंपनी जमा करेंगे, जिनके रख रखाव की जिम्मेदारी 11 वर्षों तक वन विभाग की होगी।



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