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राजेश गुम सुदगी मामले में अभी भी पुलिस को नटवर लाल की तलाश

 


रिपोर्ट @शम्भूनाथ सोनी

उच्च न्यायालय के दखल के बाद फिर खुली जांच की फाइल 

बिरसिंहपुर पाली --- पाली थाने में दर्ज गुमसुदगी मामले की जांच की फाइल चार वर्ष बाद एक बार  फिर खुल गई है। मामले के बारे में बताया जाता है कि राजेश प्रजापति नामक युवक की नौकरी लगवाने के लिए उसका मित्र अंकित साहू 08 अगस्त 2022 को  घर से लेकर गया था, लेकिन वह आज तक घर वापस नहीं लौटा। जिस पर राजेश की माँ ने अंकित साहू के साथ पाली थाना में  जाकर  गुमसुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी। इस मामले के नटवरलाल ने जानबूझकर ऐसी रिपोर्ट दर्ज करायी ताकि वह  कभी भी वह कानून के शिंकजे में न आये। घटना के एक सप्ताह बाद राजेश के भाई ईश्वर के फोन पर काल आया की मैं रायपुर से जी आर पी बोल रहा हूँ तुम्हारा भाई रेलवे में पकड गया है इसको छुड़ा कर ले जाओ , इसके बाद   16 सितम्बर को रात आठ बजे राजेश प्रजापति के भाभी  के तत्कालीन  फोन नं 6261814242 पर  लगा कर  अपना नाम  फिरोज खान नामक युवक निवासी बुढार बताते हुए कहा था  की राजेश मेरे पास है, और जो कट्टा तुम्हारे पास है वह मुझे वापस कर दो नही तो राजेश की लाश मिलेगी। जानकर सूत्रों का कहना है कि इसी फोन नंबर से घुनघुटी निवासी आदित्य शिवहरे जी को भी धमकी भरे  श्वरो में बातचीत की गयी थी, बाद में वह फोन अंकित साहू का निकला था। इसी तरह मामले में उलटफेर करते हुए  एक नाटकीय क्रम में  अंकित साहू ने गुमसुदा राजेश प्रजापति का मोबाइल फोन का मिलना भी अंकित साहू और उसके साले संतोष साहू के लिये हत्या के संदेह को बढ़ा दिये ‌। यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि घर के महिलाओं के फोन नंबर राजेश प्रजापति के मोबाइल में दर्ज रहे होगें जिससे निकाल कर अलग अलग लोगों को लगाकर मामले की जांच की दिशा को बदलने का काम नटवरलाल से अच्छा कौन कर सकता है। चूंकि मामले में राजेश प्रजापति की मां कपसी बाई से नौकरी लगवाने के नाम पर 12 लाख रूपये अंकित साहू ने ठगे थे, जिस वजह से पैसे के लेन देन कर मामले की जांच में पुलिस ने खूब हीला हवाली की और न तो फरियादिया को उसका खोया हुआ बेटा मिला और न ही उससे लूटे हुए पैसे। पीडिता ने पुलिस अधिकारियों के दफ्तर -दफ्तर जाकर माथा टेका, अपनी फरियाद सुनाई, ऐसे सारे प्रमाण दी लेकिन पुलिस ने अंकित साहू को निर्दोष साबित करने के लिए जो बीड़ा उठाया था, वह उसमें काफी हद तक सफल रही।

पुलिस प्रशासन से न्याय  मिलने की आश मे फरियादिया माँ कपसी बाई ने चार साल व्यतीत कर दिए और यहाँ नटवरलाल चोरी जैसे संवेदनशील मामलों को कारित कर पुलिस के साथ गलबहियां डालें घूम रहे थे। माँ के आंखों के आंसू आज भी नहीं सूखे, तब थक हार कर उच्च न्यायालय जबलपुर में रिट पिटीशन 10269 लगाते हुए न्याय की मांग की हैं। फरियादिया ने अपनी फरियाद में प्रिंसिपल सेक्रेटरी गृह विभाग , डाइरेक्टर जनरल पुलिस से लेकर थाना तक के पुलिस अधिकारियों के विरूद्ध प्रतिवादी बनाया है । अब इस मामले की जांच दोबारा शुरू हो गयी है, अगर पुलिस जांच तथ्यों , बैंक खातों, मोबाइल फोन  के डिटेल की ईमानदारी से जांच करें तो इस मामले के असली गुनाह गारो तक तो पुलिस के हाथ पहुँच ही जायेगें, पाली प्रोजेक्ट के पाइप लाइन, और मोटर चोरी में संलिप्त कई  सार्गिदो तक जांच की आंच पहुँच सकती है।




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