रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
धनपुरी। अमलाई OCM में कार्यरत RKTC कंपनी के खिलाफ मजदूरों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। श्रमिकों का आरोप है कि कंपनी भारत सरकार के श्रम नियमों की लगातार अनदेखी कर रही है और मजदूरों के अधिकारों का हनन कर रही है।
आरोप है कि सरकार के निर्धारित नियमों के अनुसार प्रत्येक माह 7 से 10 तारीख के बीच वेतन का भुगतान किया जाना चाहिए, लेकिन RKTC कंपनी समय पर मजदूरी नहीं देती। इसका खामियाजा गरीब मजदूरों और उनके परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। समय पर वेतन न मिलने से उनके सामने रोजमर्रा के खर्च चलाना भी मुश्किल हो जाता है।
श्रमिकों का यह भी आरोप है कि लगभग 40 से 50 कर्मचारियों को बिना उचित कारण बैठाकर वेतन दिया जा रहा है, जिससे उनके रोजगार और भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। वहीं स्थानीय ड्राइवरों के साथ भेदभाव किए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं। उनका कहना है कि नई गाड़ियां बाहरी ड्राइवरों को चलाने के लिए दी जाती हैं, जबकि स्थानीय ड्राइवरों को जर्जर और कंडम वाहनों से काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। वाहन खराब होने और दुर्घटना की आशंका को लेकर बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रबंधन कोई ध्यान नहीं दे रहा।
नगर कांग्रेस कमेटी धनपुरी के अध्यक्ष मोहम्मद साबिर ने कहा कि यदि ये आरोप सही हैं, तो यह मजदूरों के सम्मान और अधिकारों के साथ गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि मजदूरों का शोषण, वेतन में देरी और सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने श्रम विभाग, जिला प्रशासन और SECL प्रबंधन से पूरे मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस मजदूरों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कंपनी प्रबंधन की होगी।


0 Comments