रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
तीन महिला मजदूर घायल, मालवाहक वाहन में सवारियां बैठाने की व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
अनूपपुर। जिला मुख्यालय के समीप ग्राम करहीवाह में मंगलवार दोपहर धान का रोपा लगाकर लौट रहे मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर खेत में पलट गई। हादसे में ट्रॉली के नीचे दबने से 15 वर्षीय बालिका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन महिला मजदूर घायल हो गईं। घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय अनूपपुर में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है।
जानकारी के अनुसार अनूपपुर नगर के वार्ड क्रमांक-6 सामतपुर निवासी चौधरी समुदाय की महिलाएं मंगलवार सुबह ग्राम पंचायत परसवार के करहीवाह स्थित एक किसान के खेत में धान का रोपा लगाने गई थीं। काम पूरा होने के बाद मजदूर किसान के ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर वापस अनूपपुर लौट रहे थे। इसी दौरान कच्चे रास्ते पर ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित हो गया और ट्रॉली समेत खेत में पलट गया।
ट्रॉली के नीचे दबने से बालिका की मौत
हादसा इतना गंभीर था कि ट्रॉली के नीचे दबने से 15 वर्षीय नज़र चौधरी, पिता राजू चौधरी, निवासी वार्ड क्रमांक-6 सामतपुर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया और उपचार के लिए जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया।
हादसे में 22 वर्षीय प्राची चौधरी, 25 वर्षीय शांति चौधरी और 30 वर्षीय सीमा चौधरी घायल हुई हैं। तीनों का जिला चिकित्सालय अनूपपुर में उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर है।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने मृत घोषित किया
परिजन बालिका को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन ड्यूटी डॉक्टर ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और अस्पताल चौकी पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
मालवाहक वाहन में सवारियां बैठाने पर फिर उठे सवाल
हादसे ने ग्रामीण क्षेत्रों में मालवाहक वाहनों में मजदूरों और आम लोगों को बैठाकर परिवहन करने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण इलाकों में ट्रैक्टर-ट्रॉली, पिकअप सहित अन्य मालवाहक वाहनों में बड़ी संख्या में मजदूरों को लाने-ले जाने का सिलसिला आम है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यातायात नियमों के विपरीत होने के बावजूद ऐसे वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और यातायात विभाग से मालवाहक वाहनों में अवैध रूप से सवारियां ढोने पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।


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