रिपोर्ट @शम्भूनाथ सोनी
*आमरण अनशन के बाद झुका प्रशासन, FIR की लड़ाई जारी*
*बिरसिंहपुर पाली।* कन्या शिक्षा परिसर पाली में *10 लाख 88 हजार 825 रुपये* के छात्रवृत्ति घोटाले में आरोपी प्राचार्य *सरिता जैन* को आखिरकार निलंबित कर दिया गया।
आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग भोपाल ने आदेश क्रमांक *F-1/स्था/जनजा.का./2026/* दिनांक *31.07.2026* जारी कर सरिता जैन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आदेश में छात्रवृत्ति राशि में अनियमितता और शासकीय धन के दुरुपयोग का आरोप स्पष्ट लिखा है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय उमरिया रहेगा।
*मामला ऐसे खुला*
विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक *आकाश तिवारी* ने संभागीय उपायुक्त आदिवासी विकास शहडोल को शिकायत की थी। शिकायत पर 3 सदस्यीय जांच दल बना। 24.07.2026 की जांच रिपोर्ट में 2025-26 में 211 छात्राओं से सामग्री खरीद के नाम पर 10.88 लाख की अवैध वसूली पकड़ी गई। रिपोर्ट में प्राचार्य को "प्रथम दृष्टया दोषी" मानते हुए वैधानिक कार्रवाई की सिफारिश की गई।
लेकिन रिपोर्ट आने के बाद भी मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। RTI में भी "जांच प्रचलन में है" कहकर टाल दिया गया।
*अनशन से हिली कुर्सी*
इसी लापरवाही से तंग आकर तहसील अधिवक्ता संघ के सहसचिव *बसंत तिवारी* और समाजसेवी *अरुण विश्वकर्मा* ने 28 जुलाई से अंबेडकर चौक पर आमरण अनशन शुरू कर दिया।
दबाव बढ़ते ही प्रशासन हरकत में आया। 27.07.2026 को कलेक्टर ने सरिता जैन को VBEO पाली के अतिरिक्त प्रभार से हटाया और वसूली के आदेश दिए। लेकिन निलंबन और FIR नहीं हुई।
अनशन के चौथे दिन 31.07.2026 को आयुक्त ने निलंबन का आदेश जारी किया। साथ ही FIR दर्ज करने का लिखित आश्वासन भी दिया। इसके बाद शुक्रवार देर रात दोनों सत्याग्रहियों ने जूस पीकर अनशन समाप्त किया।
*"संघर्ष जारी रहेगा"*
अनशन समाप्ति के बाद सत्याग्रहियों ने बैंड-बाजे के साथ नगर की अधिष्ठात्री देवी *बिरासनी माता* के मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और सत्य के मार्ग पर चलने की मन्नत मांगी। इस दौरान भारी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे।
सहसचिव *बसंत तिवारी* ने कहा _"ये सत्य और संघर्ष की जीत है। लेकिन हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक FIR दर्ज नहीं होती और छात्राओं का पैसा वापस नहीं आ जाता।"_


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