रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
बरगवां बी कंपोजिट शराब दुकान के बाहर खुलेआम शराबखोरी का आरोप, मुख्य मार्ग से गुजरने वाले राहगीर परेशान
अनूपपुर। अमलाई-बरगवां क्षेत्र में अनूपपुर-शहडोल मुख्य मार्ग पर स्थित बरगवां बी कंपोजिट देसी एवं अंग्रेजी शराब दुकान के सामने दिनदहाड़े खुलेआम शराबखोरी का मामला सामने आया है। सामने आई तस्वीरों में तीन लोग शराब दुकान के ठीक सामने बैठकर शराब का सेवन करते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह स्थिति कोई एक दिन की नहीं, बल्कि यहां अक्सर शराब खरीदने के बाद कुछ लोग दुकान के आसपास ही बैठकर खुलेआम शराब का सेवन करते हैं।
मुख्य मार्ग पर स्थित शराब दुकान के सामने इस तरह सार्वजनिक रूप से शराब पीने की तस्वीरें सामने आने के बाद आबकारी विभाग और पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि दुकान के आसपास नियमित निगरानी हो और जिम्मेदार अमला सक्रिय रहे, तो सार्वजनिक स्थान पर इस तरह शराबखोरी पर अंकुश लगाया जा सकता है।
स्कूली बच्चों और महिलाओं का भी इसी मार्ग से आवागमन
बरगवां बी शराब दुकान जिस मार्ग पर स्थित है, वह क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण आवागमन मार्ग है। इसी रास्ते से स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य राहगीरों का रोजाना आना-जाना होता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, शराब पीने के बाद कुछ लोगों द्वारा गाली-गलौज और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने से राहगीरों को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
लोगों का कहना है कि सार्वजनिक मार्ग के किनारे शराब पीने वालों के जमावड़े से विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को परेशानी होती है। ऐसे में प्रशासन को मामले को केवल शराब बिक्री तक सीमित न रखते हुए सार्वजनिक व्यवस्था और नागरिकों की सुविधा के दृष्टिकोण से भी देखना चाहिए।
शराब खरीदने के बाद दुकान के सामने ही सेवन क्यों?
मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि यदि सार्वजनिक स्थान पर शराब का सेवन प्रतिबंधित है, तो शराब दुकान के ठीक सामने बैठकर दिनदहाड़े शराब पीने की स्थिति आखिर कैसे बन रही है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब दुकान संचालक को भी अपने परिसर और आसपास की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति दुकान के सामने बैठकर शराब का सेवन करता है, तो उसे ऐसा करने से रोका जाना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित पुलिस अथवा आबकारी अधिकारियों को सूचना दी जानी चाहिए।
बिक्री के साथ नियमों के पालन की जिम्मेदारी भी जरूरी
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि शराब की बिक्री के बाद दुकान के आसपास होने वाली गतिविधियों पर पर्याप्त निगरानी दिखाई नहीं देती। लोगों का सवाल है कि क्या शराब दुकान संचालक और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी केवल शराब की बिक्री तक सीमित है, या सार्वजनिक स्थान पर होने वाली शराबखोरी को रोकना भी व्यवस्था का हिस्सा है?
यदि दुकान के सामने नियमित रूप से शराबखोरी हो रही है, तो इसकी जानकारी संबंधित विभागों तक पहुंचना स्वाभाविक है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की वास्तविकता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
तस्वीरों ने बढ़ाई सवालों की गंभीरता
सामने आई तस्वीरों में शराब दुकान के ठीक सामने कुछ लोग बैठकर शराब का सेवन करते दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरें यदि इसी स्थान और समय की हैं, तो यह सवाल उठना लाजिमी है कि दिन के समय मुख्य मार्ग पर इस तरह शराबखोरी करने वालों पर किसी जिम्मेदार की नजर क्यों नहीं पड़ी?
क्या संबंधित विभाग के अधिकारी शराब दुकानों के आसपास की स्थिति का नियमित निरीक्षण करते हैं? क्या दुकान संचालक को सार्वजनिक स्थान पर शराबखोरी रोकने के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं? और यदि दिए गए हैं, तो उनका पालन कितना हो रहा है—इन सभी बिंदुओं की जांच जरूरी है।
रहवासियों ने कार्रवाई की मांग की
स्थानीय लोगों ने प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग से मांग की है कि बरगवां बी कंपोजिट शराब दुकान के आसपास की स्थिति की जांच कराई जाए। साथ ही सार्वजनिक स्थान पर शराब का सेवन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और दुकान संचालक की भूमिका की भी जांच की जाए।
लोगों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर महिलाओं, बच्चों और आम राहगीरों की आवाजाही को देखते हुए शराब दुकान के आसपास अनुशासन और निगरानी बेहद जरूरी है।
अब कार्रवाई का इंतजार
बरगवां बी शराब दुकान के सामने दिनदहाड़े शराबखोरी की सामने आई तस्वीरों ने आबकारी विभाग और पुलिस की निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग मामले का संज्ञान लेकर मौके की जांच करते हैं या फिर सार्वजनिक स्थान पर शराबखोरी की यह स्थिति आगे भी बनी रहती है।
फिलहाल स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।



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