रिपोर्ट @प्रवीण तिवारी
आचार्य बालकृष्ण जी ने दुर्लभ औषधीय वनस्पतियों की खोज कर भारतीय ज्ञान परंपरा को विश्व पटल पर किये स्थापित:--- समय लाल साहू
उमरिया:------ उमरिया जिले के पाली में भारत स्वाभिमान पंतजलि के जिला प्रभारी समय लाल साहू के नेतृत्व में पतंजलि परिवार ने मंगलवार को आयुर्वेद शिरोमणि आचार्य बालकृष्ण जी का 54-वां जन्मदिवस 'जड़ी-बूटी दिवस' के रूप में मनाया। यह कार्यक्रम जिले के पाली के साशकीय बिरासनी महाविद्यालय परिसर में प्राचार्य हरलाल अहिरवार जी के उपस्थिति में आयोजित किया गया। इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण के स्वस्थ, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत स्वाभिमान न्यास के जिला प्रभारी समय लाल साहू ने आचार्य बालकृष्ण के जीवन और आयुर्वेद के क्षेत्र में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आचार्य बालकृष्ण ने आयुर्वेद, स्वदेशी और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे पतंजलि के माध्यम से देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय जे प्राचार्य हरलाल अहिरवार ने भी आचार्य बालकृष्ण के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की। उन्होंने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उनके अभियान की सफलता के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न औषधीय पौधों का वितरण किया गया। इनमें गिलोय, घृतकुमारी, नीम, आंवला, आम, कटहल, सहजन, सदाबहार, बेल, कालावासा और तेजपत्ता शामिल थे। इन पौधों के औषधीय गुणों की जानकारी भी दी गई और महाविद्यालय परिसर में एक पेड़ माँ के नाम पर पौधरोपण भी कराया गया। इस दौरान पतंजलि स्वाभिमान जिला प्रभारी समय लाल साहू,महाविद्यालय प्राचार्य हरलाल अहिरवार,पूर्व प्राचार्य डॉ० गंगाधर ढोके,वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद कुमार साहू,त्रिभुअन गिरी,जैकी सक्सेना,मुन्ना सिंह राठौर, विजय मिश्रा, संजय सोनी, लक्ष्मण तिवारी, शिवराम सिंह, धनेश कुमार द्विवेदी, सहित समस्त छात्र/छात्राएं उपस्थित रही।



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