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अमोदा में खूनी तांडव: मां, नाना-नानी और ममेरी बहन की हत्या से दहला गांव

 


रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
डंडे से लैस युवक ने अपनों पर किया जानलेवा हमला, मामा समेत कई घायल; रात में पुजारी पर भी किया था हमला, आरोपी पुलिस हिरासत में

अनूपपुर। जिले के पुष्पराजगढ़ क्षेत्र के अमोदा गांव में शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। 32 वर्षीय प्रेम सिंह गोंड ने कथित तौर पर डंडे से अपने ही परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। हमले में उसकी मां, नाना-नानी और ममेरी बहन की मौत हो गई, जबकि मामा चैन सिंह समेत कई लोग घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल बच्ची भारती को आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

घटना के बाद अमोदा गांव में दहशत और मातम का माहौल है। सूचना मिलते ही अनूपपुर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपी प्रेम सिंह गोंड को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

आधी रात पुजारी पर हमला, सुबह परिवार पर बरपा कहर

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात करीब 1 से 2 बजे के बीच प्रेम सिंह ने गांव के मंदिर के 62 वर्षीय पुजारी गंगा सिंह पर डंडे से हमला कर दिया था। हमले में पुजारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें ग्रामीणों और परिजनों ने उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

पुजारी पर हमले के बाद ग्रामीणों ने प्रेम सिंह को पकड़ लिया और उसके हाथ-पैर रस्सी से बांधकर घर के पास बैठा दिया। कुछ समय तक वह शांत रहा। शनिवार तड़के करीब 4 से 5 बजे के बीच उसकी मां अनूपिया बाई को लगा कि स्थिति सामान्य हो गई है। इसी भरोसे में उन्होंने उसके हाथ-पैर खोल दिए।

रस्सियां खुलने के कुछ ही देर बाद घर में चीख-पुकार मच गई।

नानी पर हमला होते देख बचाने दौड़े नाना, मां भी बनी निशाना

पुलिस के अनुसार, रस्सियां खुलने के बाद प्रेम सिंह ने पास रखा डंडा उठाकर अपनी 70 वर्षीय नानी भन्नी बाई गोंड पर हमला कर दिया। नानी की चीख सुनकर 75 वर्षीय नाना संपत सिंह गोंड उन्हें बचाने पहुंचे, लेकिन आरोपी ने उन पर भी डंडे से हमला कर दिया।

माता-पिता पर हमला होते देख अनूपिया बाई बीच-बचाव करने पहुंचीं, लेकिन आरोपी ने उन पर भी हमला कर दिया। लगातार हुए हमले में नाना-नानी और मां गंभीर रूप से घायल हो गए।

इसके बाद आरोपी ने अपने मामा चैन सिंह और उनकी तीन बेटियों पर भी हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से घर में अफरा-तफरी मच गई और परिवार के सदस्य जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

बेटी ने जंगल भागकर बचाई जान, मामा को भी किया घायल

घायल चैन सिंह के मुताबिक, हमले के दौरान उनकी बड़ी बेटी किसी तरह घर से निकलकर जंगल की ओर भाग गई। उसने घटना की जानकारी अपने पिता को दी। बेटी से सूचना मिलने के बाद चैन सिंह घर की ओर पहुंचे, लेकिन आरोपी ने उन पर भी डंडे से हमला कर दिया।

शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह आरोपी को काबू में कर दोबारा रस्सियों से बांध दिया। हालांकि, तब तक नाना संपत सिंह, नानी भन्नी बाई और मां अनूपिया बाई की मौत हो चुकी थी।

घायलों को उपचार के लिए शहडोल मेडिकल अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान चैन सिंह की बेटी मोनिका ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई।

चैन सिंह के हाथ में फ्रैक्चर और सिर में चोट बताई गई है, जबकि बच्ची भारती की हालत गंभीर है और उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से पसरा मातम

अमोदा गांव में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से शोक की लहर है। जिस घर में परिवार के सदस्य साथ रह रहे थे, वहीं अब मातम पसरा हुआ है।

शुरुआत में केवल नानी भन्नी बाई की मौत की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद मां अनूपिया बाई और नाना संपत सिंह की मौत की पुष्टि हुई। शहडोल में उपचार के दौरान मोनिका ने भी दम तोड़ दिया।

पांच साल पहले पति की मौत, तीन साल पहले पत्नी से हुआ था अलगाव

परिजनों के अनुसार, अनूपिया बाई का ससुराल उमरिया जिले के नौरोजाबाद के पास मरदरी गांव में है। उनके पति की करीब पांच वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है। उनके दो बेटे हैं और प्रेम सिंह बड़ा बेटा है।

बताया गया कि अनूपिया बाई की तबीयत खराब चल रही थी और वह करीब एक सप्ताह पहले उपचार के लिए अमोदा आई थीं। प्रेम सिंह भी करीब तीन दिन पहले ही गांव पहुंचा था।

परिजनों ने पुलिस को बताया कि प्रेम सिंह की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उसकी शादी हो चुकी थी, लेकिन पत्नी के साथ मारपीट की घटनाओं के चलते करीब तीन वर्ष पहले वह उससे अलग हो गई थी। हालांकि, पुलिस अभी मामले के वास्तविक कारणों और घटनाक्रम की सभी कड़ियों की जांच कर रही है।

पुलिस और फॉरेंसिक टीम जुटी जांच में

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है। फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ के साथ घायलों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि शुक्रवार रात पुजारी पर हुए हमले से लेकर शनिवार सुबह परिवार के सदस्यों पर हुए हमले के बीच आखिर क्या घटनाक्रम हुआ। वारदात के पीछे वास्तविक कारण क्या था, इसकी भी जांच की जा रही है।

घटनास्थल पर पहुंची मेडिकल टीम

पुष्पराजगढ़ बीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह के अनुसार, बेनीबारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल टीम घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। टीम द्वारा शवों की जांच और फोटोग्राफी की कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम घटनास्थल पर किया जाएगा या शवों को बेनीबारी ले जाया जाएगा, इसका निर्णय फॉरेंसिक टीम के निर्देश और मौके की परिस्थितियों के आधार पर लिया जाएगा।

फिलहाल अमोदा गांव में पुलिस बल तैनात है। चार लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। पुलिस मामले की हर कड़ी की बारीकी से जांच में जुटी है।





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