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अतिथि शिक्षकों का एक दिन का वेतन अटका

 


रिपोर्ट @संतोष कुमार मिश्रा
कलेक्टर द्वारा घोषित अवकाश का जिला शिक्षा अधिकारी ने अतिथि शिक्षकों को नहीं दिया लाभ

*उमरिया।* एक ओर शासन अतिथि शिक्षकों को नियमित करने और उन्हें सुविधाएं देने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग के ही अधिकारी उनकी एक दिन की मजदूरी पर भी कैंची चलाने की तैयारी में हैं। लोक शिक्षण संचालनालय के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी जिला शिक्षा अधिकारी, उमरिया ने आदेश को ठेंगा दिखा दिया, जिसका खामियाजा जिले के हजारों अतिथि शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है।

दरअसल, कलेक्टर उमरिया द्वारा 25 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन स्थानीय अवकाश घोषित किया गया था। इस अवकाश का लाभ सभी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को मिला। शासकीय शिक्षण संस्थानों में भी अवकाश रहा, जिसके कारण अतिथि शिक्षकों के लिए शिक्षा के द्वार बंद थे और उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाई। अब उसी एक दिन के कारण उन्हें मानदेय का नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि कलेक्टर अवकाश का वेतन अतिथि शिक्षकों को नहीं मिल पाएगा।

गौरतलब है कि लोक शिक्षण संचालनालय, गौतम नगर भोपाल द्वारा 29 अगस्त 2025 को पत्र क्रमांक / अतिथि शिक्षक / 2025-26 / 269 जारी किया गया था। पत्र में समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया था कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में जिले में कलेक्टर द्वारा घोषित स्थानीय अवकाश की संख्या की गणना की जाए। इसके लिए कलेक्टर द्वारा घोषित अवकाश की प्रविष्टि करने की सुविधा जिला शिक्षा अधिकारी के लॉगिन पर उपलब्ध कराई गई थी। निर्देश था कि जिला शिक्षा अधिकारी उक्त कार्यवाही एजुकेशन पोर्टल 3.0 के अंतर्गत गेस्ट फैकल्टी मैनेजमेंट सिस्टम मॉड्यूल में दिनांक 5 सितंबर 2025 तक प्रविष्टि पूर्ण करना सुनिश्चित करें। यह आदेश आयुक्त द्वारा अनुमोदित था।

यद्यपि यह आदेश गत वर्ष के लिए जारी किया गया था, इस मान से इस वर्ष भी अतिथि शिक्षकों को स्थानीय अवकाश का लाभ मिलना चाहिए था। गत वर्ष इसी आदेश के आधार पर कलेक्टर द्वारा घोषित स्थानीय अवकाश का लाभ अतिथि शिक्षकों को दिया गया था। पोर्टल पर अवकाश की प्रविष्टि होने से उस दिन को कार्य दिवस मानते हुए मानदेय का भुगतान किया गया था।

लेकिन इस वर्ष इसमें जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा लापरवाही बरती गई। समय सीमा बीत जाने के बाद भी पोर्टल पर स्थानीय अवकाश की प्रविष्टि नहीं की गई। नियमानुसार अतिथि शिक्षकों को कार्य दिवस के आधार पर मानदेय मिलता है। पोर्टल पर अवकाश दर्ज नहीं होने से वह दिन अनुपस्थित माना जाएगा और उस दिन का भुगतान अटक जाएगा।

अतिथि शिक्षकों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब अन्य शासकीय अवकाशों का लाभ अतिथि शिक्षकों को प्रदान किया जाता है, तब कलेक्टर द्वारा घोषित अवकाश का लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है। कलेक्टर द्वारा घोषित अवकाश भी शासन द्वारा मान्य शासकीय अवकाश ही होता है। उस दिन विद्यालय बंद रहते हैं, शिक्षक और विद्यार्थी सभी अवकाश पर रहते हैं। फिर अतिथि शिक्षकों के साथ ही दोहरा मापदंड क्यों अपनाया जा रहा है।

अतिथि शिक्षक पहले से ही अल्प मानदेय पर काम कर रहे हैं। ऊपर से एक दिन का भुगतान भी छीनने की तैयारी की जा रही है। यह सीधे-सीधे अतिथि शिक्षकों के साथ अन्याय है। अतिथि शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि जिला शिक्षा अधिकारी तुरंत पोर्टल पर कलेक्टर द्वारा घोषित समस्त स्थानीय अवकाशों की प्रविष्टि कराएं और गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी अतिथि शिक्षकों को एक दिन के मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करें। साथ ही निर्देश की अवहेलना करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।


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