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सेटिंगबाज़ चाचा' की बिछी बिसात; कोटमा ग्रुप के 'श्याम दी और पटासी' के माफियाओं को बिजौरी घाट सौंपने की तैयारी!

 



रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग 

शहडोल: सोहागपुर क्षेत्र में इन दिनों एक 'सेटिंगबाज़ चाचा' के कारनामे सुर्खियों में हैं। जब से शहडोल जिले में रेत के आधिकारिक ठेके निरस्त हुए हैं, तब से यह तथाकथित 'चाचा' अपनी वर्दी का फायदा उठाकर नई सेटिंग में जुट गया है। बिजौरी घाट, जो उमरिया और शहडोल की सीमा पर स्थित है, अब इस अवैध खेल का नया अड्डा बनने वाला है।

 *खास गुर्गों पर मेहरबान चाचा* : विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो सेटिंगबाज़ चाचा आजकल कोटमा ग्रुप के खास गुर्गों पर कुछ ज़्यादा ही मेहरबान हैं। श्याम डीह और पटासी के पुराने माफियाओं को बिजौरी घाट की कमान सौंपने के लिए चाचा ने दिन-रात एक कर दिया है। चाचा की मेहरबानी का आलम यह है कि इसके लिए बाकायदा प्रतिदिन के हिसाब से मोटी रकम तय की गई है, ताकि अवैध खदान का संचालन बिना किसी रोक-टोक के शुरू किया जा सके।

 *सेटिंग फेल होने का डर और महकमे की किरकिरी:* हैरानी की बात है कि चाचा जितनी भी सेटिंग बिठा रहे हैं और जितनी भी मेहरबानियां माफियाओं पर लुटा रहे हैं, वो सब फेल हो सकती हैं। उमरिया पुलिस की 'जीरो टॉलरेंस' नीति ने चाचा की सारी रूपरेखा के सामने दीवार खड़ी कर दी है। वर्दी पहनकर माफियाओं के लिए बिसात बिछाने वाले इस चाचा की वजह से अब पूरे महकमे की सरेआम किरकिरी हो रही है। सीमा पर उमरिया पुलिस की मुस्तैदी की वजह से फिलहाल बिजौरी में इनकी दाल गल नहीं पा रही, जिससे सेटिंग के फुस्स होने का पूरा अंदेशा बना हुआ है, लेकिन चाचा की कोशिशें अब भी जारी हैं।

वर्दी की साख पर लगता बट्टा: अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन के उच्च अधिकारियों को अपने ही महकमे के इस 'सेटिंगबाज़ चाचा' की इन खास माफियाओं पर 'मेहरबानी' की खबर है? आखिर वर्दी की आड़ में कोटमा ग्रुप के इन माफियाओं को संरक्षण क्यों दिया जा रहा है? जनता पूछ रही है कि यह पुलिसकर्मी कानून का रखवाला है या माफियाओं का मेहरबान पार्टनर। 'सेटिंगबाज़ चाचा' की यह माफियाओं पर मेहरबानी और बिजौरी को लूटने की साजिश पुलिस की साख को सरेआम मिट्टी में मिला रही है।


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