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राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेतरतीब खड़े वाहन बने जान के दुश्मन

 


रिपोर्ट @संतोष कुमार मिश्रा

आये दिन घटित हो रहे जानलेवा हादसे 

लाशें समेटने तक सिमटी प्रशासन की जिम्मेदारी


बिरसिंहपुर पाली -- राष्ट्रीय राजमार्ग 43 में जगह -जगह खड़े बेतरतीब भारी वाहन आज कल लोगों के जान के दुश्मन साबित हो रहें हैं, लेकिन इस पर अंकुश लगाने की प्रक्रिया प्रशासन के एजेंडे से बाहर दिखाई दे रहा है। बताया जाता है की उमरिया जिले में आये दिन सडक दुर्घटनाओं में टू व्हीलर, फोर व्हीलर और बड़े वाहन दुर्घटनायें होती है, इन दुर्घटनाओं में से अत्यधिक दुर्घटनाओं में राजमार्ग में खड़े वाहनों की वजह निकल कर सामने आयी है।अभी दिसम्बर माह के आंकड़े बताते हैं कि खड़े वाहनों की वजह से पाली तहसील क्षेत्र में ही आधा दर्जन लोग काल कलवित हो गयें, लेकिन प्रशासन इन हादसों को रोकने के लिए कदापि गंभीर दिखाई नहीं दे रहा है। अगर घुनघुटी में हुए हादसे के बाद प्रशासन सक्रिय होता तो मदारी ढाबे में बीते दिवस घटित हादसे को टाला जा सकता था। जिले में आये दिन सडक दुर्घटनाओं में लोग काल कलवित हो रहें हैं परन्तु इस पर प्रभावी रूप से रोक लगाने का न कोई अभियान और न ही कोई पहल। मरने वाला मरते रहे और फिर प्रशासन लाश समेटने के वक्त मौजूद हो जाता है। मदारी ढाबा के पास जो बोलेरो हादसे में दो लोग जान गवाये, हादसे स्थल पर भी पिछले तीन दिनों से भारी वाहन राष्टीय राजमार्ग पर खड़ा कर रखा गया था। देखने में आया है की जगह जगह भारी वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन खड़ा कर दुर्घटनाओं को अंजाम देते दिखाई दे रहे हैं। जिला प्रशासन सडक दुर्घटनाओं पर लाश समेटने की वजाय दुर्घटनाओं पर  रोक लगाने की ओर आवश्यक कदम उठाये तो इन हादसों पर प्रभावी रूप से रोक लग पायेगी, और साथ ही असमय काल कलवित हो रहें बेगुनाह लोगों की जान बचाई जा सकती है।


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