रिपोर्ट @मनीष कुमार शुक्ला
कार्यक्रम का उद्देश्य दृष्टिहीन कलाकारों को आत्मनिर्भर बनाना
समाज से सहयोग की अपील जिससे सम्मानजनक आजीविका का अवसर मिले
शहडोल/ देश के अलग–अलग हिस्सों से मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली तस्वीरें सामने आती रहती हैं। ऐसी ही एक खबर सामने आई है, जहां दृष्टिहीन कलाकारों ने भजन संध्या के माध्यम से न सिर्फ भक्ति का संदेश दिया, बल्कि समाज से सहयोग की अपील भी की।
तस्वीर में दिखाई दे रहा यह पोस्टर “जीवन नेत्रहीन भजन संध्या” का है। कार्यक्रम का उद्देश्य दृष्टिहीन कलाकारों को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी प्रतिभा को मंच देना है। इस भजन संध्या में जन गायक लिपु जेना सहित अन्य कलाकारों की सहभागिता रही। आयोजन के जरिए यह संदेश दिया गया कि दृष्टिहीन होना कमजोरी नहीं, बल्कि हौसले और संघर्ष की पहचान है।
आयोजकों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रमों से नेत्रहीन कलाकारों को सम्मानजनक आजीविका का अवसर मिलता है। पोस्टर के माध्यम से आम लोगों से दान और सहयोग की अपील की गई है, ताकि इन कलाकारों को आगे बढ़ने में मदद मिल सके। आयोजन में भक्ति संगीत के साथ मानव सेवा को सर्वोच्च धर्म बताया गया।
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि समाज को ऐसे प्रयासों के साथ खड़ा होना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि कला और संस्कृति के माध्यम से सामाजिक सरोकारों को मजबूत किया जा सकता है।



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