रिपोर्ट @प्रवीण कुमार तिवारी
महिलाओं को उचित पोषण आहार लेने की कही बात
उमरिया:--- उमरिया जिले की पाली एसडीएम गुरुवार को पाली ब्लॉक के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्र में पहुँची। इस दौरान उन्होंने केंद्र में उपस्थित गर्भवती और धात्री महिलाओं से चर्चा कर उन्हें पोषण आहार लेने की बात कहीं। इससे गर्भावस्था के दौरान मां और बच्चा एनीमिया कुपोषण आदि बीमारियों से दूर रह सकें। एसडीएम मिनाक्षी बंजारे ने गुरुवार को पाली तहसील विभिन्न के आंगनबाड़ी केंद्रों पर सेक्टर मंगठर में अति कुपोषित बच्चों के घर भ्रमण कर उन्हें पौष्टिक अनाज, चना, मुरमुरा तिल मूंगफली गुड़ चिक्की और मौसमी फल वितरित की, उन्हें प्रतिदिन आंगनबाड़ी केंद्र आने और सेवाओं का लाभ लेने की समझाइश दी गई। पाली महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी मोनिका सिनहा ने बताया कि यह शासन द्वारा सभी पोषण आहार निःशुल्क दी जा रही हैं ताकि हम एक स्वस्थ समाज की स्थापना कर सकें। उन्होंने महिलाओं को पोषण आहार जैसे सोजना की फली, उसकी पत्तियां और फूलों का उपयोग, मेथी की भाजी, पालक की भाजी अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां, गुड़ और मूंगफली खाने की सलाह दी। केंद्र से गर्भवती माताओं को दी जाने वाली आयरन फोलिक एसिड की टेबलेट का महत्व बताया। विटामिन सी यानि खट्टा नींबू, संतरा, टमाटर खाने की सलाह दी। इससे शरीर को जो आयरन प्राप्त होता है उसका शरीर में अवशोषण शत प्रतिशत हो सके। इसके उपयोग से महिलाओं में होने वाली खून की कमी की शिकायत नहीं होगी। इससे गर्भावस्था एवं उसके दौरान महिलाएं एवं बच्चा एनीमिया कुपोषण एवं अन्य गंभीर बीमारियों के शिकार से दूर रहेगा। पाली विकासखंड को कुपोषण मुक्त बनाने की पहल में सभी अधिकारियों / कर्मचारियों को कुपोषित बच्चे गोद दिए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य इन कुपोषित बच्चों पर व्यक्तिगत निगरानी और इनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर पर सुधार हेतु किए गए प्रयासों से क्षेत्र के सभी बच्चों को कुपोषण मुक्त करना है। इसी चरण में आज अनुविभागीय अधिकारी,राजस्व, पाली द्वारा स्वयं के गोद लिए गए बच्चों के घर भ्रमण किया गया जिसमें सेक्टर मांगठार अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र प्रकाशनगर की बालिका जिया बेरिया माता कुसुम सिंह चर्मकार अभिजीत सिंह माता प्रेमवती बाई संध्या सिंह माता विमला सिंह इन बच्चों एवं इनके अभिभावकों से चर्चा करते हुए बालिका संध्या सिंह जो SAM श्रेणी में है
उन्हें NRC भर्ती करने की समझाइश दी गई एवं बालक अभिजीत एवं जीया को प्रतिदिन आंगनबाड़ी केंद्र भेजने की समझाइश दी गई चूंकि दोनों के अभिभावक काम पर जाते है इसलिए बच्चों की देखभाल नहीं हो पाती सही से इसलिए यदि वो आंगनबाड़ी केंद्र आते है तो समय से भोजन और विभिन्न प्रकार के गतिविधियों से इनका शारीरिक और मानसिक विकास भी होगा। परिजनों द्वारा इस विषय पर सहमति दी गई, मैडम द्वारा बच्चों से भेंट करते समय उन्हें पौष्टिक आहार के रूप में मुरमुरा तिल मूंगफली गुड़ चिकी और मौसमी फल भी प्रदान किए गए ।


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