रिपोर्ट @संतोष कुमार मिश्रा
उमरिया--- जिले की करकेली जनपद पंचायत करकेली के ग्राम पंचायत पिनौरा के प्रसिद्ध शिव मंदिर पिपराडी में शिवरात्रि पर्व पर ऐतिहासिक मेला लगाया जाता है, जानकर सूत्रों का मानना है कि यह मेला लगभग दो सौ वर्षों से क्षेत्र की जनता के धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का केंद्र बना हुआ है। हर वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं और मेले में भाग लेते हैं।
ग्राम के पंडित बिशम्भर दुवेदी बताते हैं कि इस मेले की शुरुआत एक दिव्य स्वप्न से हुई थी। उनके अनुसार, ग्राम पिनौरा निवासी जनकराम मिश्रा के पिता को स्वप्न में संकेत मिला कि पिपराडी में पीपल और बरगद के संयुक्त वृक्ष के नीचे भोले बाबा विराजमान हैं। जब बताए गए स्थान पर खुदाई की गई, तो वहाँ शिवलिंग प्रकट हुआ। इसके बाद विधि-विधान से प्राण-प्रतिष्ठा कर मंदिर की स्थापना की गई और तभी से यहाँ शिवरात्रि पर मेले की परंपरा चल पड़ी।
समय के साथ पुराना छोटा मंदिर जर्जर होकर ढह गया था, जिसके बाद मंदिर का जीर्णोद्धार एवं नवीन मंदिर का निर्माण ग्राम के ही समाज सेवी योगेश दुवेदी के व्दारा कराया गया। योगेश व्दिवेदी धार्मिक कार्यो में सदैव बढ चढ कर लेते आ रहें। योगेश व्दिवेदी का परिवार सतत रूप से धार्मिक आयोजनों में महती भूमिका निभाते आ रहें हैं। बताया जाता है कि आपके ही परिवार के श्रद्धा वान विशम्भर प्रसाद व्दिवेदी ने समय की जरूरत और सुविधा को ध्यान में रखकर पिपडारी धाम में एक धर्मशाला का निर्माण कराया गया।
पिपडारी धाम और यहाँ पर लगने वाला मेला आसपास के कई गाँवों के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। शिवरात्रि पर यहाँ पूजा-अर्चना, भंडारे और मेले का आयोजन होता है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा वातावरण बन जाता है।



0 Comments