रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
शहडोल।वार्ड क्रमांक 37 पुरानी बस्ती शहडोल में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा वाचक परम पूज्य आचार्य श्री राघव कृष्ण जी महाराज, श्रीधाम वृन्दावन के मुखारविंद से गजेन्द्र मोक्ष, समुद्र मंथन, वामन अवतार, भगवान श्रीराम के जन्म एवं भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव जैसे दिव्य प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
कथा के दौरान आचार्य श्री ने गजेन्द्र मोक्ष प्रसंग के माध्यम से बताया कि सच्चे मन से की गई भक्ति कभी निष्फल नहीं जाती, वहीं समुद्र मंथन की कथा से देव और दानवों के संघर्ष के साथ जीवन में धैर्य और संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया। वामन अवतार की कथा में भगवान विष्णु की लीला का वर्णन करते हुए दान और अहंकार त्याग का महत्व समझाया गया। भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग पर पूरा पांडाल “जय श्रीराम“ के उद्घोष से गूंज उठा, वहीं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान भजनों और संगीतमय प्रस्तुति के साथ श्रद्धालु झूमते नजर आए। जन्मोत्सव का दृश्य अत्यंत मनमोहक रहा, जिसमें श्रद्धालुओं ने नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की जैसे भजनों पर उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस आयोजन के मुख्य यजमान त्रिभवन मिश्रा एवं श्रीमती देवती मिश्रा सहित समस्त मिश्रा परिवारकृपुष्पेन्द्र, अनीता, अशोक, जया, ज्ञानेन्द्र एवं पूनमकृद्वारा नगरवासियों को इस भव्य कथा का रसपान कराया जा रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचकर धर्मलाभ अर्जित कर रहे हैं। कथा आयोजन स्थल पर सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं, भक्ति संगीत और श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ इस धार्मिक आयोजन को और भी दिव्य बना रही है। आयोजन 4 अप्रैल तक जारी रहेगा, जिसमें प्रतिदिन नए-नए प्रसंगों के माध्यम से धर्म, ज्ञान और भक्ति का संदेश दिया जा रहा है।


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