रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
शहडोल । सिंगरौली जिले के सरई तहसील अंतर्गत ग्राम बेलगांव निवासी रामपाल साकेत ने “वेजिटेशनल डायवर्सिटी ऑफ सरई एंड जियावन फॉरेस्ट रेंज ऑफ सिंगरौली जिला (म.प्र.)” विषय पर शोध कर पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने यह शोध कार्य एस.जी.एस. शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सीधी (म.प्र.) को शोध केंद्र बनाकर तथा अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा से पूर्ण किया।
इस शोध कार्य में उनके मार्गदर्शक सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. ए.आर. सिंह रहे, जिनके निर्देशन में उन्होंने सरई और जियावन वन क्षेत्र की वनस्पति विविधता पर विस्तृत अध्ययन किया। उनके शोध को क्षेत्रीय पर्यावरण एवं जैव विविधता के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रामपाल साकेत की इस उपलब्धि पर उनके शोध केंद्र से प्रो. डॉ. आई.पी. प्रजापति, डॉ. राकेश सिंह चौहान एवं डॉ. दिवाकर सिंह ने उन्हें बधाई दी। वहीं उनके मित्रों एवं शुभचिंतकों में डॉ. बृजेश कोल, सहायक प्राध्यापक रामगोपाल सिंह, रामनरेश साकेत, विमलेश निरत, डॉ. रूपेश नागेंद्र, डॉ. सुरेश चौधरी एवं राजेंद्र साकेत ने भी हर्ष व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
रामपाल साकेत की इस सफलता से उनके क्षेत्र में खुशी का माहौल है और इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।


0 Comments