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केंद्रीय ऊर्जा सचिव के दौरे से संजय गांधी ताप विद्युत गृह के उन्नति के संकेत

 


रिपोर्ट @संतोष कुमार मिश्रा

उमरिया--- देश के केंद्रीय  ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल के संजय गाँधी ताप परियोजना से थर्मल पावर में मंडराते संकट से मुक्ति के संदेश मिल रहें हैं, विदित होवे की  केंद्रीय ऊर्जा सचिव का दौरा मुख्यतः टांसमिशन में होने वाली छति की जमीनी हकीकत देखने और समझने का था, लेकिन इसे आपने व्यापक रूप देकर संजय गाँधी ताप परियोजना में कम लागत में ऊर्जा उत्पादन करने,विद्यूत संचरण में होने वाले नुकसान की भरपाई के साथ उन सभी बारीकियों की जमीनी हकीकत पर अध्ययन किया जिससे इस ऊर्जा इकाई को बेहतर और उत्तम मापदंडों के अनुरूप चलाया जा सकें। आपने संजय गाँधी ताप परियोजना की विस्तारित इकाई के संबंध में भी व्यापक अध्ययन किया है। लंबे समय बाद केंद्र स्तर के शीर्ष अधिकारी के निरीक्षण से जहां अधिकारियों में हलचल तेज हो गई है वहीं संयंत्र की उत्पादन क्षमता तकनीकी व्यवस्थाओं और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली पर भी अब सीधी निगरानी की गयी। 

सूत्रों के अनुसार केंद्रीय ऊर्जा सचिव संयंत्र की कार्यप्रणाली उत्पादन प्रदर्शन और संचालन व्यवस्था का गहन निरीक्षण की । कोयला सैंपलिंग से लेकर परीक्षण प्रक्रिया और प्रयोगशाला की व्यवस्थाओं तक हर पहलू की समीक्षा की जाएगी। यही नहीं वरिष्ठ अभियंताओं के साथ बैठक कर उत्पादन बढ़ाने तकनीकी सुधार और भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गयी। 

गौरतलब है कि संजय गांधी ताप विद्युत गृह मध्यप्रदेश  की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाने  वाला प्रमुख केंद्र माना जाता है, लेकिन समय-समय पर उत्पादन क्षमता और तकनीकी चुनौतियों को लेकर सवाल भी उठते रहे 

मनजीत सिंह ने दौरे को कंपनी के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि संयंत्र के अधिकारी और कर्मचारी लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयासरत हैं। अब देखना यह होगा कि इस उच्च स्तरीय दौरे के बाद बिजली उत्पादन व्यवस्था में क्या बदलाव और सुधार सामने आते। ध्यान देने योग्य है की संजय गाँधी ताप परियोजना में पूर्व प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी जी और पिछले वर्ष मुख्यमंत्री डां मोहन यादव ने संजय गाँधी ताप परियोजना में छठवी इकाई की स्थापना कर 600 मेगावाट की घोषणा की थी बाबजूद छठवी इकाई का काम ठंडे बस्ते में पडी हुई है जबकि प्रदेश के  अन्य थर्मल पावर स्टेशनों में विस्तारित इकाईयों का काम शुरू हो गया है । सर्व विदित है की संजय गाँधी ताप परियोजना में छठवी इकाई के  स्थापना के लिए सभी  अनुकूल  परिस्थितियों जैसे भूमि, बांध, रेलवे लाइन इत्यादि की उपलब्धता के बाद छठवी इकाई का न आना उमरिया जिले के दुर्भाग्य के रूप में देखा जाता है। इस विषय पर भी केंद्रीय ऊर्जा सचिव ने गंभीरता से अध्ययन किया है, अगर केंद्रीय ऊर्जा सचिव इस ओर पहल करते हैं तो उमरिया जिले वासियों को मुंह मांगी मुराद मिल जायेगी।

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