रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
EOW रीवा की बड़ी कार्रवाई, पहले भी ले चुका था 1.50 लाख रुपये, कुल 2 लाख की थी मांग
अनूपपुर। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) रीवा ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के प्रभारी कार्यपालन यंत्री ए.के. साह को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई उनके अनूपपुर स्थित निजी निवास पर की गई। आरोप है कि उन्होंने एक ठेकेदार के लंबित भुगतान जारी करने के एवज में कुल 2 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी, जिसमें से 1.50 लाख रुपये पहले ही वसूल किए जा चुके थे।
जल जीवन मिशन के कार्यों का भुगतान था लंबित
जानकारी के अनुसार वर्ष 2020-21 में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में पाइपलाइन विस्तार, घर-घर नल कनेक्शन एवं अन्य निर्माण कार्यों का ठेका रीवा की आरजीए कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था। कंपनी द्वारा कार्य पूर्ण कर विभाग को सौंपे जाने के बावजूद अंतिम भुगतान सहित अन्य देय राशि लंबे समय से लंबित थी।
कंपनी का लगभग 14 लाख रुपये का अंतिम भुगतान, करीब 7 लाख रुपये की सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि तथा लगभग 4 लाख रुपये की एफडीआर विभाग में अटकी हुई थी। आरोप है कि इन राशियों को जारी करने के बदले प्रभारी कार्यपालन यंत्री ए.के. साह ने कंपनी के प्रतिनिधि एवं शिकायतकर्ता रामाश्रय यादव, निवासी बाणसागर कॉलोनी, रीवा से 2 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत के बाद EOW ने बिछाया जाल
शिकायत मिलने पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ रीवा ने मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर EOW ने सुनियोजित कार्रवाई की योजना बनाई। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी अधिकारी कथित रूप से 1 लाख 50 हजार रुपये पहले ही प्राप्त कर चुका था।
शेष राशि में से 30 हजार रुपये लेने के लिए उसने शिकायतकर्ता को 19 जून 2026 को अपने निजी निवास स्थित स्मार्ट सिटी कॉलोनी, अनूपपुर बुलाया था।
रुपये लेते ही दबोचा
पूर्व निर्धारित योजना के तहत EOW की टीम ने पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी अधिकारी को 30 हजार रुपये सौंपे और उसने राशि स्वीकार की, टीम ने तत्काल दबिश देकर उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
विभाग में मचा हड़कंप
सूत्रों के अनुसार संबंधित अधिकारी के खिलाफ पूर्व में भी अनियमितताओं एवं रिश्वतखोरी से जुड़ी शिकायतें सामने आती रही हैं। EOW की इस कार्रवाई के बाद विभागीय अमले में हड़कंप की स्थिति है। वहीं आम नागरिकों और ठेकेदारों ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण एवं साहसिक कदम बताया है।
जांच जारी
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा मामले की विस्तृत जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि रिश्वत के पूरे लेन-देन, संभावित सहयोगियों तथा अन्य पहलुओं की भी गहन पड़ताल की जा रही है। जांच में यदि अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
EOW की यह कार्रवाई सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।



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