रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
अमलाई (अनूपपुर)। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल अंतर्गत अमलाई रेलवे स्टेशन पर लागू नई पार्किंग व्यवस्था को लेकर स्थानीय ऑटो एवं टैक्सी चालकों में नाराजगी बढ़ गई है। ठेकेदार द्वारा ऑटो एवं टैक्सी चालकों से ₹800 से ₹900 प्रतिमाह पार्किंग पास शुल्क लिए जाने के विरोध में चालक संघ ने स्टेशन प्रबंधक के माध्यम से मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) बिलासपुर के नाम ज्ञापन सौंपकर शुल्क में कमी की मांग की है।
सीमित सवारी और बढ़ता आर्थिक बोझ
ज्ञापन में चालकों ने बताया कि अमलाई रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव सीमित होने के कारण यात्रियों की संख्या पहले से ही कम रहती है। वहीं क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठान—ओरियंट पेपर मिल (ओपीएम), अमरकंटक ताप विद्युत केंद्र चचाई तथा कास्टिक सोडा फैक्ट्री—अपने कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के लिए निशुल्क बस, बोलेरो सहित अन्य परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। इससे स्टेशन पर ऑटो चालकों को पर्याप्त सवारियां नहीं मिल पातीं।
चालकों का कहना है कि सीमित आय के बीच ₹800 से ₹900 प्रतिमाह पार्किंग शुल्क देना उनके लिए आर्थिक रूप से बेहद कठिन है। उन्होंने रेलवे प्रशासन से स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पार्किंग पास शुल्क घटाकर ₹300 प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग की है, ताकि उनका रोजगार प्रभावित न हो और स्टेशन परिसर में परिवहन व्यवस्था भी सुचारू रूप से संचालित हो सके।
रेलवे प्रशासन से राहत की मांग
ऑटो एवं टैक्सी चालक संघ ने आरोप लगाया कि उनकी व्यावहारिक समस्याओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया जा रहा है, जिससे चालक एवं उनके परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने रेलवे प्रशासन से मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र हस्तक्षेप कर राहत प्रदान करने की अपील की है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मोहम्मद आरिफ, अजय कुमार, मंगल प्रसाद, अजीत चौहान, जियाउद्दीन अंसारी, मोहन सिंह, कमल साहू, देवराज सतनामी, सुनील सिंह, संजय महरा, अंजू वर्मा, शहीद खान, मोहम्मद शेर अली (राजा), जुगला साहू, शेरअली खान, मोहम्मद आजाद, शत्रुधन (मुंचु), ललई महराज, विशाल, दिलीप भैया, मोहम्मद इरशाद, मुक्किल वर्मन सहित बड़ी संख्या में चालक उपस्थित रहे।
स्टेशन प्रबंधक ने दिया आश्वासन
इस संबंध में अमलाई रेलवे स्टेशन प्रबंधक श्री सिन्हा ने बताया कि ऑटो चालक संघ द्वारा पार्किंग शुल्क के संबंध में प्राप्त ज्ञापन को उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा तथा संबंधित विषय पर चर्चा के बाद नियमानुसार उचित निर्णय के लिए अवगत कराया जाएगा।


0 Comments