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5 से 10 टन तक ओवरलोडिंग के आरोप, खुले में पड़ा हजारों बोरी चावल

 


रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
नागरिक आपूर्ति निगम के परिवहन कार्य पर उठे सवाल, बारिश में खाद्यान्न खराब होने की आशंका

अनूपपुर। मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के लिए किए जा रहे चावल परिवहन कार्य में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। अनूपपुर रेलवे रैक प्वाइंट से मुरैना जिले के लिए भेजे जा रहे हजारों क्विंटल चावल के परिवहन में ट्रकों की निर्धारित क्षमता से अधिक भार लादने तथा खाद्यान्न सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लगे हैं। मामले ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से जुड़े खाद्यान्न की सुरक्षा और सरकारी निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार जिले के दारसागर, अन्नपूर्णा वेयरहाउस कोतमा, रामजानकी वेयरहाउस वेंकटनगर और श्री शिवाय वेयरहाउस से लगभग 26 हजार क्विंटल चावल ट्रकों के माध्यम से अनूपपुर रेलवे रैक प्वाइंट पहुंचाया जा रहा है। यह कार्य गायत्री ट्रांसपोर्ट कटनी द्वारा किया जा रहा है। आरोप है कि परिवहन में लगे कई ट्रकों में उनकी स्वीकृत क्षमता से 5 से 10 टन तक अतिरिक्त भार लादा जा रहा है।

अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन का आरोप

सूत्रों के अनुसार खाद्यान्न परिवहन अनुबंध में स्पष्ट रूप से निर्धारित क्षमता से अधिक भार न ले जाने का प्रावधान है। इसके बावजूद कथित रूप से ट्रकों में अतिरिक्त भार भरकर परिवहन कराया जा रहा है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल अनुबंध का उल्लंघन होगा बल्कि दुर्घटना और माल क्षति की स्थिति में गंभीर जिम्मेदारी भी तय हो सकती है।

मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई संभव

मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत ओवरलोडिंग दंडनीय अपराध है। निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले वाहनों पर जुर्माना, जब्ती और अन्य वैधानिक कार्रवाई का प्रावधान है। विशेषज्ञों का कहना है कि ओवरलोडिंग से सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है और सड़क एवं पुल-पुलियों को भी नुकसान पहुंचता है।

खुले आसमान के नीचे रखा जा रहा खाद्यान्न

मामले का दूसरा गंभीर पहलू रेलवे रैक प्वाइंट पर खाद्यान्न भंडारण से जुड़ा है। आरोप है कि रैक प्वाइंट पर पर्याप्त शेड या सुरक्षित भंडारण व्यवस्था नहीं होने के बावजूद हजारों बोरी चावल खुले स्थान पर रखी जा रही हैं। मानसून के मौसम में बारिश के कारण चावल के भीगने और गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।

पीडीएस व्यवस्था पर पड़ सकता है प्रभाव

खाद्यान्न विशेषज्ञों का मानना है कि परिवहन और भंडारण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली प्रभावित हो सकती है। बारिश या खराब रखरखाव के कारण चावल की गुणवत्ता में गिरावट आने से सरकारी खजाने को नुकसान होने के साथ उपभोक्ताओं तक निम्न गुणवत्ता का खाद्यान्न पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है।

जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि परिवहन कार्य में लगे वाहनों की वजन पर्चियों, परिवहन अनुबंध की शर्तों और रेलवे रैक प्वाइंट पर उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच की जानी चाहिए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले परिवहनकर्ता और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

इनका कहना है

“मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। यदि ट्रकों में ओवरलोडिंग की जा रही है तो इस संबंध में ठेकेदार से जानकारी ली जाएगी।”
सीमा सिन्हा, प्रभारी प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम, अनूपपुर

“जानकारी मिली है। कोतवाली पुलिस और यातायात विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।”
— , पुलिस अधीक्षक, अनूपपुर।


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