रिपोर्ट @मिर्जा अफसार बेग
अनूपपुर । शहडोल संसदीय क्षेत्र अंतर्गत बिलासपुर -कटनी रेल सेक्शन को कव्हर करते हुए चलने वाली दो अंत्योदय एक्सप्रेस पूरी तरह से बंद कर दी गई एवं उस ट्रेन के नंबर से दूसरी ट्रेन अन्य रेलवे में प्रारंभ कर दी गई।
बताया जाता है कि रेलवे ने साप्ताहिक चलने वाली बिलासपुर-बीकानेर ट्रेन को ऑक्युपेंसी कम होने का बता कर बंद कर दी।वहीं दूसरी अंत्योदय साप्ताहिक दुर्ग -फिरोजपुर ट्रेन को कोरोना महामारी के समय बंद कर दिया गया।उसके बाद ट्रेन को पटरी पर नहीं लाया गया और धीरे-धीरे रेलवे ने इस मार्ग की दोनों अंत्योदय ट्रेन को पूरी तरह से बंद कर उस ट्रेन के नंबर से अन्य मार्ग पर दूसरी ट्रेन चला दी।जो बिलासपुर-कटनी रेल सेक्शन के लिए काफी दुखदाई है।
शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह कई बार रेल मंत्री से मिली।रेल मंत्रालय ने 50-50 कार्य उनका किया।लेकिन आवश्यकता के अनुरूप जो जनमानस की मांग है उस कार्य में रेलवे बोर्ड को सामने रखकर कार्यों को अंजाम नहीं दिया जा रहा।
सांसद हिमाद्री सिंह चाहती है की संसदीय क्षेत्र की जनता ने जो उम्मीद उनसे की है वह पूरी होनी चाहिए जिस तरह अन्य क्षेत्रों में हो रही है।
सांसद हिमाद्री सिंह का मानना है कि रेलवे द्वारा बिना किसी जनप्रतिनिधि के राय के ट्रेनों को बंद करना गलत है।उन्होंने कहा कि बिना आरक्षण के यात्रियों को अच्छी सुविधा युक्त ट्रेन मिल रही थी।तमाम सुविधाओं से अंत्योदय एक्सप्रेस चल रही थी।जिसका यात्रियों ने स्वागत किया था।लेकिन एका एक रेलवे ने ट्रेनों को बंद करने का जो निर्णय लिया वह उचित नहीं है।
उन्होंने रेल मंत्री,रेलवे बोर्ड से अपेक्षा की है कि बिना आरक्षण वाली दोनों अंत्योदय ट्रेन को फिर से प्रारंभ किया जाए।जिससे यात्रियों को सुविधा का लाभ मिल सके।
बताया गया की ट्रेन नंबर 14719/14720 बीकानेर- बिलासपुर-बीकानेर एवं ट्रेन नंबर 22895/22896 दुर्ग- फिरोजपुर-दुर्ग ट्रेन चलती थी।जिसमें पर्याप्त यात्री मिलते थे और लंबी दूरी की ट्रेन होने के कारण अलग-अलग रेल सेक्शन में अच्छे एवं पर्याप्त यात्री मिलते थे।
लेकिन रेलवे द्वारा अचानक ट्रेन को बंद कर दिया जाना लोगों की समझ से परे हैं।रेलवे एक ट्रेन में ऑक्युपेंसी कम बता रही है और एक ट्रेन को कोरोना महामारी के बाद चालू ही नहीं किया तो वह भी बंद हो गई।जबकि अन्य क्षेत्रों में अंत्योदय एक्सप्रेस आज भी चल रही है।
सांसद हिमाद्री सिंह को चाहिए कि अपने संसदीय क्षेत्र में रेलवे द्वारा चलाई गई दोनों अंत्योदय ट्रेन को फिर से प्रारंभ करने के लिए रेल मंत्री एवं रेलवे बोर्ड से वकालत करें।जिससे यात्रियों को मिली हुई सुविधा फिर से मिलने लगे।क्योंकि इस क्षेत्र में बिना आरक्षण के चलने वाली दोनों महत्वपूर्ण ट्रेन थी,जिसकी यहां की जनता को आज भी जरूरत है।जब अन्य रेलवे क्षेत्र में अंत्योदय चल रही है तो फिर यहां भी यथावत दोनों ट्रेनों को प्रारंभ किया जाए।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) के बिलासपुर- कटनी सेक्शन में मुख्य रूप से बिलासपुर-बीकानेर- बिलासपुर साप्ताहिक अंत्योदय एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 14719/14720) चलाई गई थी,जो इस रूट से होकर गुजरती थी।बताया जा रहा है कि कम ऑक्यूपेंसी (यात्रियों की कमी) के कारण यह ट्रेन रद्द कर दी गई थी।
वही एक और ट्रेन दुर्ग और फिरोजपुर के बीच अंत्योदय एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 22895/22896) चलती थी। यह ट्रेन साल 2018 में शुरू की गई थी।यह भारतीय रेलवे की पूरी तरह से अनारक्षित सुपरफास्ट ट्रेन थी।जो आम यात्रियों के लिए बनाई गई थी।
कोरोना महामारी के समय इस ट्रेन को बंद कर दिया गया था,जिसके बाद इसे फिर से पटरी पर नहीं लाया गया।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर-कटनी रेल सेक्शन में जिसमें काफी संख्या में शहडोल संसदीय क्षेत्र कव्हर होता है।यहां के यात्रियों के लिए दोनों अंत्योदय एक्सप्रेस ट्रेन लाभप्रद है।सांसद को चाहिए कि दोनों अंत्योदय ट्रेन को फिर से प्रारंभ करने के लिए अपने प्रयास तेज करें।


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